DMZ ब्लास्ट: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने पारदर्शी जांच के दिए आदेश, उत्तर कोरिया पर शक गहराया
कोरियाई प्रायद्वीप के असैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) में हुए एक बारूदी सुरंग विस्फोट ने तनाव बढ़ा दिया है। इस घटना में तीन दक्षिण कोरियाई सैनिकों के घायल होने के बाद राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने एक पारदर्शी…
कोरियाई प्रायद्वीप के असैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) में हुए एक बारूदी सुरंग विस्फोट ने तनाव बढ़ा दिया है। इस घटना में तीन दक्षिण कोरियाई सैनिकों के घायल होने के बाद राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने एक पारदर्शी जांच का आदेश दिया है और कहा है कि नतीजों के आधार पर ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सेना की शुरुआती जांच में इस विस्फोट के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ होने की आशंका जताई गई है।
यह विस्फोट पिछले सोमवार, 21 सितंबर को उस वक्त हुआ जब दक्षिण कोरियाई सेना और संयुक्त राष्ट्र कमान (UNC) की एक संयुक्त टीम जांच के लिए रास्ता साफ कर रही थी। यह अभियान उन संभावित बारूदी सुरंगों का पता लगाने के लिए चलाया जा रहा था, जिनके बारे में दक्षिण कोरिया को शक है कि उन्हें हाल ही में उत्तर कोरिया ने सैन्य सीमा रेखा के पार बिछाया है।
जांच के शुरुआती निष्कर्ष
सेना ने सोमवार को अपनी प्रारंभिक जांच के नतीजे जारी किए थे, जिसमें कहा गया था कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर "उत्तर कोरिया की बारूदी सुरंगों से विस्फोट होने की काफी संभावना है।" सेना के मुताबिक, घटनास्थल सैन्य सीमांकन रेखा से करीब 10 मीटर दक्षिण में था और वहां से मिले सुरंग के टुकड़ों में टीएनटी और भूरे रंग की सिंथेटिक सामग्री के निशान पाए गए हैं। ये विशेषताएं उत्तर कोरिया द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एंटी-पर्सनल बारूदी सुरंगों से मेल खाती हैं।
सरकार का आधिकारिक पक्ष
मंगलवार को कैबिनेट बैठक के दौरान राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने सैन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संयुक्त राष्ट्र कमान के साथ मिलकर जल्द से जल्द घटना की पूरी सच्चाई सामने लाएं। उन्होंने इस मुद्दे पर निराधार साजिशें फैलाने से बचने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर सत्ता पक्ष और विपक्ष को एकजुट रहना चाहिए। रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने भी कहा है कि अगर अंतिम जांच में उत्तर कोरिया की भूमिका की पुष्टि होती है तो उचित जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रपति ने घायल सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने देश की रक्षा क्षमता को और मजबूत करने पर भी जोर दिया, जिसमें "परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों और हाइपरसोनिक मिसाइलों" का विकास भी शामिल है।
इनपुट: IANS



