दिलीप घोष ने कई मुद्दों पर साधा निशाना, पुलिस हिरासत में मौत से लेकर अभिषेक बनर्जी के विदेश जाने तक पर दी प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल के राजनेता दिलीप घोष ने हाल ही में कई चर्चित मुद्दों पर अपनी राय रखी है, जिसमें पुलिस हिरासत में एक तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता की मौत, अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामले और अलीगढ़ का नाम बदलने…
पश्चिम बंगाल के राजनेता दिलीप घोष ने हाल ही में कई चर्चित मुद्दों पर अपनी राय रखी है, जिसमें पुलिस हिरासत में एक तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता की मौत, अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामले और अलीगढ़ का नाम बदलने जैसे विषय शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, घोष ने इन सभी मामलों पर अपनी बेबाक टिप्पणियां दीं।
पुलिस कस्टडी में हुई टीएमसी नेता की मौत के मामले को उन्होंने गंभीर बताया। उन्होंने कहा, "अगर पुलिस कस्टडी में किसी की मौत होती है, तो यह गलत है और ऐसे मामले में एफआईआर भी दर्ज होनी चाहिए।" हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि टीएमसी के लोग किसी को पीट-पीटकर मार डालते हैं और फिर दोष दूसरों पर मढ़ते हैं, तो यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।
अभिषेक बनर्जी और उनके सहयोगी पर टिप्पणी
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के इलाज के लिए विदेश जाने की याचिका पर दिलीप घोष ने कहा कि यदि डॉक्टरों ने सच में ऐसी सलाह दी है और इलाज भारत में संभव नहीं है, तो उन्हें जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, "लेकिन जब उनके खिलाफ कोई शिकायत हो, तो कोर्ट फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करेगा।"
इसके अलावा, बनर्जी के सहयोगी सुमित रॉय से CID द्वारा की जा रही पूछताछ पर उन्होंने कहा कि रॉय के खिलाफ कई शिकायतें हैं और सीबीआई मामले की जांच कर रही है। घोष के मुताबिक, "जांच पूरी हो जाने पर नतीजे सामने आ जाएंगे।"
अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर भी रखी राय
दिलीप घोष ने अलीगढ़ का नाम बदलने की प्रक्रिया का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मुगल और ब्रिटिश काल में बदले गए कई शहरों के नाम हमारी संस्कृति को दर्शाने वाले होने चाहिए और इस पर स्थानीय निकाय लोगों की इच्छा के आधार पर फैसला करेंगे।
वहीं, रूसी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों की धमकी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा, "यह दो देशों के बीच का व्यापारिक लेन-देन है... ऐसे मामलों को देखने के लिए हमारे पास विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री हैं।" उन्होंने महुआ मोइत्रा द्वारा सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस लिए जाने के कदम को भी सही ठहराया और कहा कि लोकतंत्र में अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारियां भी होती हैं।
इनपुट: IANS



