शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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ध्रुव राठी के वीडियो पर दिल्ली हाईकोर्ट का सख्त रुख, 15 दिन में फैसला देने का आदेश

लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक वीडियो को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की शिकायत अपील समिति (GAC) को एक अहम निर्देश जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत ने समिति को वीडियो हटान

ध्रुव राठी के वीडियो पर दिल्ली हाईकोर्ट का सख्त रुख, 15 दिन में फैसला देने का आदेश
(फोटो: IANS)

लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक वीडियो को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की शिकायत अपील समिति (GAC) को एक अहम निर्देश जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत ने समिति को वीडियो हटाने की अपील पर 15 दिनों के भीतर फैसला लेने को कहा है और साथ ही चेतावनी दी है कि आदेश का पालन न होने को गंभीरता से लिया जाएगा।

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यह पूरा मामला ध्रुव राठी के उस यूट्यूब वीडियो से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर यह कहा गया था कि भगवान राम, माता सीता और भगवान कृष्ण मांस और शराब का सेवन करते थे। इसी वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग करते हुए अदालत में याचिका दायर की गई थी।

सरकार और गूगल की दलीलें

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने कहा कि यूट्यूब जैसे मध्यस्थ प्लेटफॉर्म को सावधानी बरतनी चाहिए थी और ऐसे कंटेंट को पहले ही हटा देना चाहिए था। उन्होंने इस कंटेंट को समाज में फूट डालने वाला और नुकसानदायक बताया। एएसजी शर्मा ने यह भी कहा कि ऐसा कोई भी कंटेंट प्रसारित नहीं होना चाहिए जो समाज को विभाजित करे और बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाए।

वहीं, गूगल की तरफ से पेश हुए वकील ने अदालत को सूचित किया कि कंपनी ने याचिकाकर्ता को अपना जवाब दे दिया है और इस मामले में GAC के समक्ष अपील भी दायर कर दी है।

अदालत का अंतिम निर्देश

दोनों पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने GAC को निर्देश दिया कि वह 15 दिनों के अंदर इस अपील पर अपना फैसला सुनाए। यह मामला अधिवक्ता अमिता सचदेवा की याचिका के बाद सामने आया था। उन्होंने 21 मार्च 2026 को अपलोड हुए ध्रुव राठी के वीडियो पर आपत्ति जताई थी, जिसका शीर्षक था 'क्या हिंदू बीफ खा सकते हैं? केरल स्टोरी 2 का पर्दाफाश'।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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