धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: BJP नेताओं ने बताया नैतिक जिम्मेदारी, छात्रों के हित को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। पार्टी के कई…
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। पार्टी के कई सांसदों और मंत्रियों ने इस कदम को नैतिक जिम्मेदारी और छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखने का उदाहरण बताया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है।
सरकार की छात्र-केंद्रित नीति पर जोर
दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। प्रधानमंत्री द्वारा छात्रों के हित में लिए गए प्रत्येक निर्णय का सम्मान देश के युवा करते हैं।" वहीं, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इसी भावना को दोहराते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा युवाओं के साथ खड़े रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से देश के युवाओं से लगातार संवाद किया है, जिसके कारण आज बड़ी संख्या में युवा उन्हें अपना अभिभावक मानते हैं।"
नैतिकता और पारदर्शिता का संदेश
भाजपा नेताओं ने इस इस्तीफे को नैतिकता का एक नया मानदंड स्थापित करने वाला कदम बताया। भाजपा विधायक तारकिशोर प्रसाद ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपकर नैतिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है। कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण किया और सरकार को बदनाम करने की कोशिश की।" उन्होंने आगे कहा कि पूर्व में भी पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन तब किसी शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया था। भुवनेश्वर से भाजपा सांसद रवींद्र बेहरा ने कहा, "मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है।" उन्होंने प्रधान के योगदान को याद करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को इसे समझना चाहिए।
विभिन्न राज्यों से आईं प्रतिक्रियाएं
पटना में भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके एक फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "जब उन्हें नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जानकारी मिली, तब उन्होंने पूरी परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया। एक महीने के भीतर परीक्षा दोबारा कराई गई और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया।" उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने इस्तीफे को एक "सराहनीय कदम" बताया। कैबिनेट मंत्री ओ.पी. राजभर ने कहा, "यह छात्रों की प्रमुख मांग थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे पूरा किया।" वहीं, पटना में मंत्री श्वेता गुप्ता ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके लिए छात्र नहीं, बल्कि कुछ असामाजिक तत्व जिम्मेदार थे।
इनपुट: IANS



