दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: उपायुक्त समेत 5 निगम अधिकारी निलंबित, अवैध निर्माणों पर MCD की बड़ी कार्रवाई शुरू
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक उपायुक्त (Deputy Commissioner) समेत 5 बड़े अधिकारियों को…
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक उपायुक्त (Deputy Commissioner) समेत 5 बड़े अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, दिल्ली में अवैध और असुरक्षित इमारतों की पहचान के लिए एक विशेष अभियान भी शुरू किया गया है।
दिल्ली नगर निगम के मेयर प्रवेश वाही ने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इमारत मालिक की लापरवाही के बावजूद निगम और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तेजी से कदम उठाते हुए यह सख्त फैसला लिया है। मेयर के मुताबिक, उपायुक्त स्तर के अधिकारी का निलंबन बहुत कम देखने को मिलता है, लेकिन यह कदम अन्य अधिकारियों को एक कड़ा संदेश देने के लिए उठाया गया है।
असुरक्षित इमारतों की पहचान के लिए अभियान
इस हादसे के बाद निगम ने दिल्ली में चल रहे पीजी और अन्य इमारतों की सुरक्षा जांच तेज कर दी है। मंगलवार को चलाए गए अभियान में 11,018 ऐसी इमारतों को चिह्नित किया गया, जिनका इस्तेमाल पीजी के तौर पर हो रहा है और उनमें छात्र रहते हैं। इनमें से 1,036 इमारतें सुरक्षित पाई गईं, जबकि 36 इमारतों को तत्काल मरम्मत की जरूरत है।
मेयर प्रवेश वाही ने बताया कि जो भी इमारतें खतरनाक पाई गई हैं, उनकी गहन जांच चल रही है। निगम के वर्क्स और बिल्डिंग डिपार्टमेंट के इंजीनियरों को इन इमारतों के सघन परीक्षण के लिए भेजा गया है। यह जांच अभियान बुधवार को भी जारी रहा और आगे भी चलेगा।
अवैध निर्माण पर सख्त निर्देश
निगम ने अवैध निर्माण, खासकर पांच मंजिला इमारतों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। मेयर ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी क्षेत्र में बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन कर पांचवीं मंजिल का निर्माण पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी को निलंबित किया जाएगा और उस इमारत को तुरंत सील कर दिया जाएगा। मामले की गहन जांच अभी भी जारी है।
इनपुट: IANS



