दिल्ली: 20 जुलाई की झड़प में पुलिस का दावा, 'हत्या की नीयत से हुआ था हमला', FIR में गंभीर धाराएं जोड़ी गईं
नई दिल्ली में 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के मामले में अब हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने…
नई दिल्ली में 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के मामले में अब हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने दावा किया है कि कुछ लोगों ने भीड़ को उकसाकर बैरिकेड तोड़ने और संसद की ओर बढ़ने के लिए भड़काया था। इसी दौरान पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया।
यह कार्रवाई कर्तव्य पथ थाने में दर्ज एक FIR के तहत की गई है, जो एक इंस्पेक्टर की शिकायत पर आधारित है। FIR के मुताबिक, जब पुलिस टीम रेल भवन के पास राउंडअबाउट पर पहुंची, तो वहां हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी पहले से मौजूद थे। उन्हें इलाके में निषेधाज्ञा (BNS की धारा 163) लागू होने और प्रदर्शन की अनुमति न होने की जानकारी दी गई, लेकिन वे नहीं माने।
FIR में पुलिस का पक्ष
FIR में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर मारपीट की और उन पर चप्पल व पत्थर फेंके। शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है, “भीड़ ने पुलिसकर्मियों की हत्या की नीयत से हमला किया, जिससे कई जवान घायल हुए।” इसके बाद पुलिस ने संसद और अन्य महत्वपूर्ण इमारतों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हल्का लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
झड़प के बाद की स्थिति
इस पूरी घटना में 129 पुलिसकर्मी और 60 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस ने अब तक इस विवाद से जुड़े लगभग 15 मामले दर्ज किए हैं। वहीं, इस प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं पर अपना पक्ष रखने के लिए दिल्ली पुलिस शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेगी, जिसे डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर संबोधित करेंगे।
इनपुट: IANS



