मंगलवार, 21 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
अपराध

सरकारी लोन दिलाने के नाम पर ठगी: खुद को कृषि भवन का अधिकारी बताकर रिश्वत लेता था, CBI ने गिरफ्तार किया

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो खुद को कृषि भवन में पशुपालन एवं डेयरी विभाग का अधिकारी बताकर लोगों से रिश्वत लेता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…

सरकारी लोन दिलाने के नाम पर ठगी: खुद को कृषि भवन का अधिकारी बताकर रिश्वत लेता था, CBI ने गिरफ्तार किया
(फोटो: IANS)

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो खुद को कृषि भवन में पशुपालन एवं डेयरी विभाग का अधिकारी बताकर लोगों से रिश्वत लेता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह आरोपी 'पशुपालन अवसंरचना विकास निधि' योजना के तहत लोन के लिए आवेदन करने वालों को निशाना बनाता था।

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मामले का खुलासा तब हुआ जब उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के एक पोल्ट्री फार्म संचालक ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने इस सरकारी योजना के तहत 22.50 लाख रुपए के लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद आरोपी ने उनसे संपर्क किया और लोन स्वीकृत कराने के बदले में कुल राशि का 2 प्रतिशत, यानी 45,000 रुपए की रिश्वत मांगी।

सीबीआई ने कैसे बिछाया जाल?

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की देहरादून स्थित एंटी करप्शन ब्रांच ने 29 जून को मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच एजेंसी ने जाल बिछाया, जिसके तहत शिकायतकर्ता ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपए आरोपी द्वारा दिए गए UPI पर भेजे। इस डिजिटल लेन-देन के आधार पर सीबीआई ने 30 जून को एक व्यक्ति को पकड़ा, लेकिन पूछताछ में पता चला कि वह मुख्य आरोपी नहीं था, बल्कि उसके खाते का इस्तेमाल किया गया था।

शातिर तरीके से करता था काम

जांच में यह बात सामने आई कि मुख्य आरोपी के पास लोन आवेदकों की जानकारी तक पहुंच थी। वह हर दिन कई आवेदकों को फोन करता था और लोन खारिज होने का डर दिखाकर या उसे दोबारा स्वीकृत कराने का झांसा देकर रिश्वत की मांग करता था। पैसे लेने के लिए वह अलग-अलग लोगों के UPI खातों का इस्तेमाल करता और फिर रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देता था, ताकि वह पकड़ा न जाए।

आखिरकार ऐसे पकड़ा गया आरोपी

मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए सीबीआई ने दिल्ली, आगरा और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी की और तकनीकी निगरानी का सहारा लिया। वह लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदल रहा था, और आगरा, जयपुर व दिल्ली जैसे शहरों में छिपता फिर रहा था। आखिरकार, 19 जुलाई को सीबीआई को उसके पैतृक गांव में होने की पुख्ता जानकारी मिली। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की फतेहाबाद तहसील के छोटा पूठा बिसराना गांव से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके घर की तलाशी में कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं। आरोपी को अब देहरादून की अदालत में पेश किया जाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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