दिल्ली: 30 साल का इंतज़ार खत्म, PWD को मिला अपना इंजीनियरिंग कैडर, 3214 पदों पर होगी भर्ती
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के लिए तीन दशक पुरानी मांग पूरी हो गई है। केंद्र सरकार ने विभाग के लिए एक स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर बनाने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे राजधानी…
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के लिए तीन दशक पुरानी मांग पूरी हो गई है। केंद्र सरकार ने विभाग के लिए एक स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर बनाने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे राजधानी में विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस फैसले से विभाग में 3,214 स्वीकृत इंजीनियरिंग पदों को केंद्रीय पीडब्ल्यूडी कैडर से अलग कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस महत्वपूर्ण कदम का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि लगभग 30 वर्षों से दिल्ली के लिए अपने पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर की जरूरत महसूस की जा रही थी। सीएम ने बताया कि उनकी सरकार ने इस दिशा में निर्णय लेकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया और अब केंद्र की मंजूरी से यह संभव हो सका है।
प्रशासनिक सुधार से क्या बदलेगा?
इस फैसले के बाद विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को तेजी से भरने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे परियोजनाओं की निगरानी और उनके क्रियान्वयन में सुधार आएगा। साथ ही, सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण कार्यों में भी तेजी आएगी। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी इस फैसले को ऐतिहासिक करार दिया है।
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा, "30 वर्षों से अधिक समय से लंबित दिल्ली के एक बड़े सपने को साकार बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार। अलग दिल्ली पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर की मंजूरी एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे राजधानी में बुनियादी ढांचे के निर्माण और रखरखाव में जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ेगी।" उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह प्रशासनिक सुधार दिल्ली के लोगों तक बेहतर सड़कों, मजबूत पुलों और आधुनिक सार्वजनिक ढांचे के रूप में पहुंचेगा।
केंद्र सरकार की मंजूरी
यह निर्णय केंद्र सरकार के शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा लिया गया है। मंत्रालय की ओर से जारी एक पत्र में कहा गया है कि दिल्ली सरकार के प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद सहमति दी गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के इस सहयोग से राजधानी के विकास को नई शक्ति मिलेगी।
इनपुट: IANS



