CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन, 11 मेट्रो स्टेशन बंद
नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर को रोकने की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रदर्शन…
नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर को रोकने की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रदर्शन के चलते राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, जिसके तहत 11 मेट्रो स्टेशनों को बंद करना पड़ा और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही यूथ कांग्रेस ने सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने का आरोप लगाया है। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि उनका आंदोलन CEC के इस्तीफे तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र को बचाने के लिए देश के युवा और आम भारतीय आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार और पुलिस उस आवाज को रोकने का प्रयास कर रही है।"
पुलिस की तैनाती पर यूथ कांग्रेस का विरोध
चिब ने भारी पुलिस तैनाती और मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि बैरिकेडिंग उनके आंदोलन को नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा, "यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रस्तावित मार्च में पहुंचेंगे... राहुल गांधी के सिपाही हर कीमत पर यहां पहुंचेंगे और मार्च करेंगे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि देश के युवाओं और नागरिकों की आवाज है।
दल-बदल करने वाले सांसदों पर भी साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए 20 सांसदों द्वारा ज्ञानेश कुमार को 'भारत रत्न' देने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उदय भानु चिब ने उन पर भी निशाना साधा। उन्होंने इन सांसदों को 'आया राम-गया राम' की संज्ञा दी और दल-बदल करने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जब कोई निर्वाचित प्रतिनिधि पार्टी बदलता है, तो यह मतदाताओं के साथ धोखा होता है, क्योंकि मतदाता उम्मीदवार के साथ-साथ उसकी पार्टी और विचारधारा को भी वोट देते हैं। चिब ने कहा कि जो लोग जनादेश का सम्मान नहीं करते, उन्हें लोकतंत्र पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
इनपुट: IANS



