दिल्ली में नया 'एक्स-रे मशीन घोटाला'? AAP का दावा- 10 लाख की मशीन 33 लाख में खरीदी गई
दिल्ली में जारी "दवा घोटाले" को लेकर राजनीतिक घमासान के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने अब एक्स-रे मशीनों की खरीद में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि सरकार ने 448 पोर्टेबल एक्स-रे मश
दिल्ली में जारी "दवा घोटाले" को लेकर राजनीतिक घमासान के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने अब एक्स-रे मशीनों की खरीद में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि सरकार ने 448 पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें खरीदने में लगभग 103 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को यह आरोप रेखा गुप्ता सरकार पर लगाए।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जिस मशीन की बाजार में कीमत करीब 10 लाख रुपये है, उसे सरकार ने 33 लाख रुपये प्रति मशीन की दर से खरीदा। उन्होंने कहा कि इस हिसाब से 448 मशीनों की कुल खरीद पर लगभग 148 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि इनका वास्तविक मूल्य 45 करोड़ रुपये के आसपास होना चाहिए था। आप नेता का दावा है कि कीमतों के बीच का यह 103 करोड़ रुपये का भारी अंतर कमीशनखोरी की वजह से है।
टेंडर प्रक्रिया और एक खास कंपनी पर आरोप
आप ने पूरी खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, सरकार को पहले से पता था कि उसे लगभग 450 से 500 मशीनों की जरूरत है, लेकिन इसके बावजूद सरकारी पोर्टल पर सिर्फ दो मशीनों की खरीद के लिए टेंडर निकाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तें और तकनीकी मानक इस तरह बनाए गए थे कि केवल एक विशेष कंपनी ही उसके लिए योग्य हो सके।
उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से किसी दूसरी कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा ही नहीं लिया और ठेका उसी खास कंपनी को मिल गया। भारद्वाज के अनुसार, औपचारिक रूप से दो मशीनों का टेंडर पास होने के बाद पर्दे के पीछे उसी कंपनी से बाकी की 446 मशीनें भी खरीद ली गईं, जिससे कुल संख्या 448 हो गई।
एक व्यक्ति और एक कंपनी की भूमिका
इस कथित घोटाले के केंद्र में आप नेता ने राजीव रंगीला नाम के एक व्यक्ति और उसकी कंपनी की भूमिका होने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि राजीव रंगीला ने 'एफ-मेड डिवाइसेस' नाम से एक कंपनी बनाई और एक बड़ी एक्स-रे मशीन निर्माता कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप हासिल कर ली। आरोप है कि इसी कंपनी के माध्यम से दिल्ली सरकार को ऊंचे दामों पर ये मशीनें बेची गईं।
सौरभ भारद्वाज ने इस पूरे मामले को "एक्स-रे मशीन घोटाला" करार देते हुए सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पूरी खरीद प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की भी बात कही है।
इनपुट: IANS



