मंगलवार, 21 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई का मामला: कांग्रेस सांसदों ने PM आवास के पास किया प्रदर्शन, संसद में चर्चा की मांग

छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर दिल्ली की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के सांसदों ने…

छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई का मामला: कांग्रेस सांसदों ने PM आवास के पास किया प्रदर्शन, संसद में चर्चा की मांग
(फोटो: IANS)

छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर दिल्ली की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन किया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रदर्शन का उद्देश्य छात्रों के साथ एकजुटता दिखाना और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग करना था।

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कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं की आवाज का हनन बताते हुए सरकार की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस के अलावा बीजू जनता दल (बीजद) और आम आदमी पार्टी (आप) ने भी छात्रों पर हुए बल प्रयोग पर चिंता व्यक्त की है।

विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं

इस मुद्दे पर कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी बात रखी है। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने दावा किया, "बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए हैं और कई अस्पतालों में भर्ती हैं। कुछ छात्रों के हाथ-पैर तक टूट गए हैं। ऐसी स्थिति सरकार की नीतियों का परिणाम है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।" वहीं, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि उनकी पार्टी "छात्रों पर हुए कथित अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने और घायल छात्रों और उनके परिवारों के समर्थन में प्रदर्शन कर रही है।"

बीजू जनता दल (बीजद) के सांसदों ने भी इस घटनाक्रम पर चिंता जताई। सांसद सुलता देव ने कहा, "मैंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान महिलाओं और छात्राओं पर बल प्रयोग दिखाई देता है। प्रदर्शनकारियों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए।" बीजद के एक अन्य सांसद संतृप्त मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी "दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से दुखी है" और सरकार को छात्रों से संवाद करना चाहिए।

संसद में चर्चा की मांग

विपक्षी दल इस पूरे मामले को संसद में उठाने की मांग कर रहे हैं। राज्यसभा सदस्य प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा, "देश के युवाओं का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है और यदि बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरकर अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं, तो संसद में इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।"

आम आदमी पार्टी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी नेता गोपाल राय ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया, जबकि प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने टकराव की जगह बातचीत का रास्ता अपनाने की सलाह दी। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने भी कहा कि सरकार को युवाओं की चिंताओं को समझना चाहिए और विपक्ष लगातार संसद में इस पर चर्चा की मांग कर रहा है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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