दलजीत सिंह मौत मामला: हरसिमरत कौर बादल ने परिवार से मिलकर पंजाब पुलिस और 'आप' सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पंजाब के मानसा जिले में दलजीत सिंह की मौत का मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद पंजाब…
पंजाब के मानसा जिले में दलजीत सिंह की मौत का मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद पंजाब पुलिस और आम आदमी पार्टी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस के कथित उत्पीड़न और दबाव के कारण दलजीत सिंह का परिवार अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गया है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, भम्मे कलां गांव में दलजीत सिंह के परिवार से मिलने के बाद हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया। उन्होंने दलजीत की पत्नी परमजीत कौर के हवाले से बताया कि पुलिस उन पर किसी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रही थी। जब परमजीत ने इससे इनकार कर दिया, तो पुलिस उन्हें और उनके 14 वर्षीय बेटे को बार-बार थाने बुलाकर कथित तौर पर परेशान करने लगी।
पुलिस पर प्रताड़ना और दबाव बनाने का आरोप
हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया कि दलजीत सिंह के पिता, मां, बहन, पत्नी और बच्चों समेत पूरे परिवार को पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि डर और भारी दबाव के माहौल में जी रहे परिवार को अपना घर छोड़कर धरना स्थल पर शरण लेनी पड़ी है। बादल के अनुसार, दलजीत की बहन अमरजीत कौर ने यह भी बताया कि प्रशासन ने शुरुआत में नौकरी और आर्थिक सहायता की पेशकश कर मामले को शांत करने की कोशिश की थी, जिसे परिवार ने ठुकरा दिया था।
मौत के कारण पर विवाद
इस मामले में मौत की वजह को लेकर भी विवाद है। हरसिमरत बादल ने कहा कि परिवार का दावा है कि दलजीत सिंह की मौत ड्रग ओवरडोज से हुई थी, जबकि प्रशासन इसे हत्या का मामला साबित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दलजीत के पिता लापता हैं और परिवार की महिला सदस्य लगातार पुलिस के दबाव का सामना कर रही हैं।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "पुलिस का काम लोगों की सुरक्षा करना है, उन्हें डराना नहीं।" बादल ने अपनी बात को पांच बिंदुओं में रखते हुए कहा कि पुलिस ने दिनदहाड़े दलजीत सिंह का शव अपने कब्जे में लिया और अब पत्नी पर बयान बदलने का दबाव बना रही है। इसके अलावा, गांव से हिरासत में लिए गए 20 से अधिक लोगों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।
इनपुट: IANS



