दक्षिण कोरिया: अवैध फंड मामले में सांसद क्वोन सियोंग-डोंग की सदस्यता रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा बरकरार रखी
दक्षिण कोरिया के सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य विपक्षी दल 'पीपुल पावर पार्टी' (PPP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व फ्लोर लीडर क्वोन सियोंग-डोंग को एक बड़ा झटका दिया है। अदालत ने यूनिफिकेशन चर्च से अवैध रूप से राजनी
दक्षिण कोरिया के सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य विपक्षी दल 'पीपुल पावर पार्टी' (PPP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व फ्लोर लीडर क्वोन सियोंग-डोंग को एक बड़ा झटका दिया है। अदालत ने यूनिफिकेशन चर्च से अवैध रूप से राजनीतिक चंदा लेने के मामले में उनकी दो साल की जेल की सज़ा को बरकरार रखा है। इस फैसले के साथ ही उनकी संसद की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गई है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष अदालत ने निचली अपीलीय अदालत के फैसले को सही ठहराया, जिसमें क्वोन को 'पॉलिटिकल फंड्स एक्ट' के उल्लंघन का दोषी पाया गया था। दक्षिण कोरिया के कानून के तहत, यदि किसी सांसद को इस कानून के उल्लंघन में 10 लाख वॉन से अधिक का जुर्माना या कोई बड़ी सजा मिलती है, तो वह अपनी नेशनल असेंबली की सीट खो देता है।
क्या था पूरा मामला?
अदालत के अनुसार, क्वोन सियोंग-डोंग ने जनवरी 2022 में यूनिफिकेशन चर्च के एक अधिकारी से 10 करोड़ वॉन (लगभग 67,300 अमेरिकी डॉलर) की राशि स्वीकार की थी। यह अधिकारी तत्कालीन राष्ट्रपति यून सुक-योल के प्रशासन से अपने हितों को साधने का प्रयास कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि उसे निचली अदालत के निर्णय में कोई कानूनी खामी नहीं मिली। अदालत ने क्वोन से 10 करोड़ वॉन की राशि जब्त करने का आदेश भी कायम रखा है।
क्वोन सियोंग-डोंग का पक्ष और बचाव
पांच बार के सांसद रह चुके क्वोन, जिन्हें कभी राष्ट्रपति यून सुक-योल का करीबी सहयोगी माना जाता था, ने इन आरोपों का खंडन किया था। उन्होंने दावा किया कि वह चर्च के अधिकारी से केवल भोजन पर मिले थे और कोई पैसा नहीं लिया था। हालांकि, सोल हाई कोर्ट ने विशेष अभियोजक मिन जोंग-की की टीम द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर उनके इस दावे को खारिज कर दिया था।
क्वोन ने अंतिम फैसले को स्वीकार करते हुए एक बयान जारी किया, लेकिन इसे "राजनीतिक प्रतिशोध" करार देते हुए समाप्त करने की मांग की। क्वोन जून 2025 तक PPP के फ्लोर लीडर रहे और उन्हें सितंबर में गिरफ्तार कर नवंबर में आरोपित किया गया था। विशेष अभियोजक टीम ने उनके लिए चार साल की जेल की सजा की मांग की थी।
इनपुट: IANS



