गुरूवार, 13 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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परमाणु-संचालित पनडुब्बी पर दक्षिण कोरिया की योजना: उत्तर कोरिया ने इसे परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में एक कदम बताया

दक्षिण कोरिया द्वारा परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी बनाने की योजना पर उत्तर कोरिया ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। प्योंगयांग ने इसे सोल का परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में बढ़ता कदम…

परमाणु-संचालित पनडुब्बी पर दक्षिण कोरिया की योजना: उत्तर कोरिया ने इसे परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में एक कदम बताया
(फोटो: IANS)

दक्षिण कोरिया द्वारा परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी बनाने की योजना पर उत्तर कोरिया ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। प्योंगयांग ने इसे सोल का परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में बढ़ता कदम बताते हुए कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिरता के लिए खतरा करार दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब उत्तर कोरिया, जापान की परमाणु नीति और दक्षिण कोरिया-अमेरिका-जापान के बीच बढ़ते सुरक्षा सहयोग की भी आलोचना कर रहा है।

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उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रथम उपमंत्री जांग कुम-चोल ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच पनडुब्बी सहयोग पर चिंता जताई। प्योंगयांग इस सहयोग को अपनी सुरक्षा के लिए एक चुनौती के रूप में देखता है। दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि इस मुद्दे पर यह उत्तर कोरिया का पहला आधिकारिक बयान है, जैसा कि योनहाप न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट किया है।

दक्षिण कोरिया का स्पष्टीकरण और बचाव

उत्तर कोरिया के आरोपों के जवाब में दक्षिण कोरिया ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। सोल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों का विकास बदलते सुरक्षा माहौल के जवाब में उठाया गया एक रक्षात्मक कदम है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पार्क डू-सून ने जोर देकर कहा कि प्रस्तावित पनडुब्बियां पारंपरिक हथियारों से लैस होंगी, न कि परमाणु हथियारों से। उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरा कार्यक्रम परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के अनुरूप है और सोल इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ पारदर्शी परामर्श जारी रखेगा।

क्षेत्रीय तनाव और बदलता शक्ति संतुलन

बुधवार को कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) द्वारा जारी एक बयान में, उत्तर कोरिया ने दावा किया कि उसने मौजूदा और भविष्य के संभावित खतरों को बेअसर करने में सक्षम सैन्य क्षमता विकसित कर ली है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का मानना है कि इस बयान से रूस और चीन के सुरक्षा दृष्टिकोण के साथ प्योंगयांग की बढ़ती वैचारिक समानता भी झलकती है। यह पनडुब्बी योजना अब सिर्फ दक्षिण कोरिया के रक्षा आधुनिकीकरण का मामला नहीं रह गई है, बल्कि इसे कोरियाई प्रायद्वीप में उत्तर कोरिया-रूस-चीन के बीच बढ़ते रणनीतिक तनाव के एक नए आयाम के रूप में भी देखा जा रहा है।

इनपुट: IANS

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