गुरूवार, 17 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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IIT कानपुर और CISF की बड़ी पहल: अब साइबर हमलों से निपटने के लिए जवानों को मिलेगी खास ट्रेनिंग

देश के महत्वपूर्ण संस्थानों पर बढ़ते साइबर हमलों के खतरे को देखते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अपनी तैयारियों को और पुख्ता करने के लिए एक बड़ी पहल की है। इसके लिए CISF ने भारतीय…

IIT कानपुर और CISF की बड़ी पहल: अब साइबर हमलों से निपटने के लिए जवानों को मिलेगी खास ट्रेनिंग
(फोटो: IANS)

देश के महत्वपूर्ण संस्थानों पर बढ़ते साइबर हमलों के खतरे को देखते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अपनी तैयारियों को और पुख्ता करने के लिए एक बड़ी पहल की है। इसके लिए CISF ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के साथ हाथ मिलाया है, जिसके तहत संस्थान के विशेषज्ञ जवानों को साइबर सुरक्षा की उन्नत ट्रेनिंग देंगे। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस साझेदारी के तहत IIT कानपुर के साइबर सुरक्षा टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (C3iHub) और CISF के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

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इस समझौते का मुख्य उद्देश्य CISF कर्मियों को 'साइबर योद्धा' के रूप में तैयार करना है, क्योंकि देश के हवाई अड्डे, परमाणु संयंत्र, बंदरगाह और अंतरिक्ष संस्थानों जैसे कई संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का जिम्मा इसी बल पर है। यह पूरी तरह से गैर-व्यावसायिक पहल है, जिसमें प्रशिक्षण के लिए प्रतिभागियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

कैसा होगा ट्रेनिंग का स्वरूप?

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम IIT कानपुर परिसर में ही आयोजित किया जाएगा। यह छह सप्ताह का एक विशेष आवासीय कोर्स होगा, जिसके हर बैच में CISF के 40 कर्मी शामिल होंगे। ट्रेनिंग का पाठ्यक्रम वर्तमान और भविष्य के साइबर खतरों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

प्रशिक्षण के दौरान जवानों को आईटी और नेटवर्किंग की बुनियादी बातों से लेकर साइबर घटना प्रबंधन, डिजिटल फॉरेंसिक, और सुरक्षा कमजोरियों की पहचान करने जैसे विषयों की गहन जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जनरेटिव एआई, डीपफेक, और क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़े खतरों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्हें सप्लाई चेन अटैक और पहचान की चोरी जैसे उभरते खतरों से निपटने की रणनीति भी सिखाई जाएगी।

प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर खास ज़ोर

इस कोर्स का सबसे अहम हिस्सा प्रैक्टिकल अभ्यास होगा। CISF कर्मियों को वास्तविक साइबर हमले जैसी नकली परिस्थितियों में रखा जाएगा, जहाँ वे त्वरित निर्णय लेने और जवाबी कार्रवाई करने का अभ्यास करेंगे। उन्हें एक 'लाइव साइबर रेंज' में हैकिंग के प्रयासों को रोकने और सिस्टम को सुरक्षित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

इनपुट: IANS

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