साणंद में चिप बना रही हरक्यूलिस साइकिल वाली कंपनी, महिला इंजीनियरों को मलेशिया भेजकर दी ट्रेनिंग
गुजरात के साणंद में देश के सेमीकंडक्टर मिशन को एक नई गति मिली है, जहाँ एक प्लांट ने चिप का व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह वही मुरुगप्पा ग्रुप है जिसने 1951 में…
गुजरात के साणंद में देश के सेमीकंडक्टर मिशन को एक नई गति मिली है, जहाँ एक प्लांट ने चिप का व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह वही मुरुगप्पा ग्रुप है जिसने 1951 में देश को मशहूर हरक्यूलिस साइकिल दी थी। अब इसी समूह की कंपनी सीजी सेमी प्रा. लिमिटेड ने साणंद में ₹7600 करोड़ के निवेश से एक अत्याधुनिक आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा स्थापित की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई, 2026 को इस प्लांट में व्यावसायिक उत्पादन का शुभारंभ किया था। यह प्लांट सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशन लिमिटेड की एक सब्सिडियरी कंपनी है। असल में, सीजी सेमी भारत की सीजी पावर, जापान की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स और थाईलैंड की स्टार माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स का एक संयुक्त उद्यम है, जिसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी सीजी पावर की है। समझौते के तहत, जापानी कंपनी न सिर्फ साणंद में बनी चिप्स खरीदेगी, बल्कि तकनीकी सहयोग भी प्रदान कर रही है।
महिला शक्ति पर विशेष जोर
इस प्लांट की एक खास बात महिला सशक्तिकरण पर इसका फोकस है। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, फैक्ट्री फ्लोर पर प्लांट ऑपरेशन का ज्यादातर काम महिलाओं द्वारा ही किया जाएगा। इसके लिए कंपनी ने गुजरात समेत देश के विभिन्न राज्यों से महिला कर्मचारियों की भर्ती की है और उन्हें सेमीकंडक्टर प्लांट के कामकाज का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए तीन महीने के लिए मलेशिया भी भेजा। ये प्रशिक्षित महिला कर्मचारी अब स्वतंत्र रूप से मशीनों का संचालन कर रही हैं।
युवा इंजीनियरों का अनुभव
नवसारी की श्रेया भरतभाई पटेल और सुरेंद्रनगर की जाह्नवी पाटड़िया जैसी युवा इंजीनियर इस पहल का हिस्सा बनकर उत्साहित हैं। श्रेया कहती हैं, “पहले हम चिप का इस्तेमाल करते थे, इसलिए इसकी निर्माण प्रक्रिया में भी हमारी रुचि पैदा हो गई।” वहीं, जाह्नवी को मलेशिया में मिले प्रशिक्षण और भारत में बिलकुल शुरुआत से कंपनी बनाने की चुनौतियों से बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। केरल की वैष्णवी पाल और सांड्रा ईके भी यहाँ बतौर प्रोसेस इंजीनियर काम कर रही हैं। वैष्णवी कहती हैं कि इस क्षेत्र में आने के बाद उन्हें काफी एक्सपोजर मिला है और उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
हरक्यूलिस साइकिल से सेमीकंडक्टर तक
मुरुगप्पा ग्रुप का इतिहास काफी पुराना है। 1949 में चेन्नई स्थित इस समूह ने यूके की ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स के साथ मिलकर टीआई साइकिल्स ऑफ इंडिया की शुरुआत की थी। 1951 में भावनगर रियासत के पूर्व शासक कृष्ण कुमार सिंह जी गोहिल ने मद्रास के गवर्नर के तौर पर इसकी फैक्ट्री का उद्घाटन किया था, जहाँ से हरक्यूलिस साइकिल का उत्पादन शुरू हुआ था।
इनपुट: IANS



