पारंपरिक चिकित्सा पर मंथन: चंडीगढ़ में ब्रिक्स देशों की बैठक, शोध और सहयोग पर ज़ोर
पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से चंडीगढ़ में चार दिवसीय ब्रिक्स बैठक मंगलवार को शुरू हो गई। भारत की अध्यक्षता में हो रही इन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बैठकों…
पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से चंडीगढ़ में चार दिवसीय ब्रिक्स बैठक मंगलवार को शुरू हो गई। भारत की अध्यक्षता में हो रही इन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बैठकों में 21 देशों के स्वास्थ्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और शीर्ष चिकित्सा विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध, क्षमता निर्माण और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।
बैठक के दौरान आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि भारत ने अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता में पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा (TCIM) के लिए एक कार्य समूह (Working Group) बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिस पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा, "आज सुबह हुई बैठक में हमने संदर्भ की शर्तों पर चर्चा की, जिसे आगे अंतिम रूप दिया जाएगा। आज पारंपरिक चिकित्सा में क्षमता निर्माण और अनुसंधान पर एक ब्रिक्स साइड इवेंट आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सभी ब्रिक्स देशों की भागीदारी होगी।" मुख्य ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों का सम्मेलन बुधवार से शुरू होगा।
ब्राजील और रूस ने साझा किए विचार
इस सम्मेलन में शामिल ब्राजील और रूस के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक चिकित्सा को लेकर अपने देशों के दृष्टिकोण और भारत के साथ सहयोग की इच्छा पर प्रकाश डाला। ब्राजील के विदेश मंत्रालय की राजनयिक कैमिला मैंडेल बैरोस ने कहा, "जब ट्रेडिशनल मेडिसिन की बात आती है, तो हमारा फोकस इसके साइंटिफिक बेस, इसकी शुरुआत और प्रैक्टिस को समझने और सही रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने पर होता है।" उन्होंने कहा कि वे भारत के अनुभव से सीखने और मौजूदा करीबी साझेदारी को और मजबूत करने की उम्मीद करते हैं।
वहीं, रूस की प्रसिद्ध क्वांटम भौतिक विज्ञानी ए. मार्चेनकोवा ने बताया कि रूस में लोक चिकित्सा के लिए एक कानूनी ढांचा मौजूद है और वहां इसकी सदियों पुरानी परंपरा है। उन्होंने कहा, "हम योग और आयुर्वेद जैसी भारतीय पारंपरिक प्रैक्टिस से भी परिचित हैं और इन तरीकों का इस्तेमाल हमारे हेल्थकेयर प्रैक्टिस के हिस्से के तौर पर अलग-अलग मेडिकल सेंटर में किया जाता है।" मार्चेनकोवा ने बेहतरीन आयोजन और मेहमाननवाजी के लिए भारतीय टीम का धन्यवाद किया।
इनपुट: IANS



