मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाएं: सुप्रीम कोर्ट 5 अक्टूबर को करेगा सुनवाई
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और उनके द्वारा लिए गए कुछ फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 5 अक्टूबर को सुनवाई के लिए तैयार है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक…
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और उनके द्वारा लिए गए कुछ फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 5 अक्टूबर को सुनवाई के लिए तैयार है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इन याचिकाओं में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर में बदलाव जैसे मुद्दे शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि सुनवाई पूरी होने तक ज्ञानेश कुमार को सीईसी के पद पर काम करने से रोका जाए। उनका आरोप है कि एसआईआर (मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण) के दौरान लगभग 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। याचिकाओं में इन फैसलों को एकतरफा बताते हुए उन्हें असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है।
जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) या न्यायिक जांच की मांग की है। इसके साथ ही, चुनाव आयोग द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सॉफ्टवेयर ईसीआईनेट और ईआरओनेट के फॉरेंसिक ऑडिट का भी अनुरोध किया गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि ज्ञानेश कुमार से आयोग की सामूहिक शक्ति के इस्तेमाल का कानूनी आधार पूछा जाए।
क्या है पूरा मामला?
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि सीईसी और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चुनाव आयोग के मूल रिकॉर्ड, फाइल नोटिंग और बैठकों के विवरण को भी अदालत में पेश करने का आग्रह किया है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है, इसलिए अदालत को मामले की गहन जांच करनी चाहिए।
इनपुट: IANS



