CBSE डिजिटल कॉपी-चेकिंग से छात्रों की परेशानी पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, सरकार से मांगा स्थायी समाधान
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की डिजिटल कॉपी जांचने की व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट का कहना है कि इस सिस्टम के कारण छात्रों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की डिजिटल कॉपी जांचने की व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट का कहना है कि इस सिस्टम के कारण छात्रों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनमें निराशा और हताशा है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में सरकार से सहयोग करने को कहा है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसे एक विरोधात्मक मामले के तौर पर न देखा जाए, बल्कि इसका एक स्थायी समाधान निकालने की जरूरत है। इस मामले पर अब अगले सप्ताह सुनवाई होगी, जिसमें सरकार को एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार का पक्ष और कमेटी का गठन
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि याचिका में जिन छात्रों की मार्कशीट से जुड़ी समस्याएं थीं, उनमें से ज़्यादातर का समाधान कर दिया गया है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार कॉपी जांच की खामियों को गंभीरता से ले रही है। इसके लिए एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो पूरी व्यवस्था की समीक्षा कर सुधार के लिए सुझाव देगी।
याचिका में क्या मांग की गई है?
राकेश बिंजोला द्वारा दायर इस याचिका में मांग की गई है कि CBSE की कॉपी जांच के लिए पारदर्शी और स्पष्ट नियम बनाए जाएं। साथ ही, इन नियमों की निगरानी के लिए एक हाई-पावर कमेटी बनाने का भी आग्रह किया गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि जिन छात्रों ने किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रोविजनल एडमिशन ले लिया है या प्रवेश परीक्षा पास कर ली है, उन्हें बोर्ड के न्यूनतम अंकों की शर्त से छूट दी जानी चाहिए।
एक अन्य मामले पर भी नोटिस: इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को CBSE की संशोधित तीन-भाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार, CBSE और NCERT को नोटिस जारी किया था। अदालत ने सभी पक्षों से दो सप्ताह में जवाब मांगा है और इस मामले पर 29 जुलाई को सुनवाई तय की है।
इनपुट: IANS



