रूस-यूक्रेन 'एनर्जी सीजफायर' पर डोनाल्ड ट्रंप का दावा, कनाडा ने किया समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच एक 'एनर्जी सीजफायर' यानी ऊर्जा के मामले में युद्धविराम लागू होने का दावा किया है। इस पहल का समर्थन करते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच एक 'एनर्जी सीजफायर' यानी ऊर्जा के मामले में युद्धविराम लागू होने का दावा किया है। इस पहल का समर्थन करते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि इससे युद्ध का तनाव कम करने और हजारों नागरिकों को बचाने में मदद मिल सकती है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस संघर्ष विराम की घोषणा की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "अभी से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में 'एनर्जी सीजफायर' लागू हो गया है। दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं। इसे न तोड़ें।" व्हाइट हाउस ने भी राष्ट्रपति ट्रंप की इस पोस्ट को रीपोस्ट किया है।
कनाडा का समर्थन और रूस से अपील
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि उनकी राष्ट्रपति ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, दोनों से बात हुई है। उन्होंने लिखा, "दोनों नेताओं के साथ हुई बातचीत में हमने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हालात और यूक्रेन में चल रहे युद्ध की तेजी से बदलती स्थिति पर चर्चा की।"
कार्नी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच जिस नए ऊर्जा संघर्षविराम की कोशिश की जा रही है, उससे युद्ध का तनाव काफी हद तक कम हो सकता है और हजारों नागरिकों को नुकसान व मुश्किलों से बचाया जा सकता है।" उन्होंने आगे कहा, "कनाडा रूस से इस समझौते का पालन करने की अपील करता है।"
सीजफायर की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकता है तो यूक्रेन भी रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को तैयार है।
इससे पहले शनिवार को, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में डीजल की कीमतें बढ़ने के लिए यूक्रेन द्वारा रूसी रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने जेलेंस्की से ये हमले रोकने की अपील करते हुए यह भी कहा था कि यूक्रेन को अपना नेता बदल लेना चाहिए और जेलेंस्की ने रूस के साथ समझौते के कई मौके गंवा दिए हैं।
इनपुट: IANS



