क्या World Bank से आम भारतीय नागरिक भी लोन ले सकता है ?
बैंक का नाम जब भी सुनते हैं, सबसे पहले यहीं विचार आता है कि हम वहां अपना पैसा जमा करा सकते हैं तथा जरूरत के समय लोन ले सकते हैं.
बैंक का नाम जब भी सुनते हैं, सबसे पहले यहीं विचार आता है कि हम वहां अपना पैसा जमा करा सकते हैं तथा जरूरत के समय लोन ले सकते हैं. World Bank का नाम सुनते ही सबसे पहले यहीं आता है कि जैसे हमारे यहाँ बैंक होते हैं, ठीक वैसे ही World Bank से पूरे विश्व के लोग पैसा निकाल सकते हैं तथा जमा करा सकते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. आपको बता दें कि World Bank से आम भारतीय नागरिक लोन नहीं ले सकता है. World Bank जो लोन देता है, वो देशों को देता है, जो उनके विकास के लिए या संकटग्रस्त समय में दिया जाता है. व्यक्तिगत तौर पर World Bank से लोन नहीं लिया जाता.

अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (International Bank for Reconstruction and Development-IBRD) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund-IMF) की स्थापना एक साथ वर्ष 1944 में अमेरिका के न्यू हैम्पशायर में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन (Bretton Woods Conference) के दौरान हुई थी.

ब्रेटन वुड्स सम्मेलन को आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक और वित्तीय सम्मेलन (United Nations Monetary and Financial Conference) के रूप में जाना जाता है. 1 से 22 जुलाई, 1944 तक 44 देशों के प्रतिनिधि इस सम्मलेन में शामिल हुए थे. इसका तात्कालिक उद्देश्य द्वितीय विश्वयुद्ध और विश्वव्यापी संकट से जूझ रहे देशों की मदद करना था. अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक को ही विश्व बैंक कहा जाता है. इसका मुख्यालय अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन DC (पूर्व में District of Colombia) में है.
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इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों को पुनर्निमाण और विकास के कार्यों में आर्थिक सहायता देना है. यह एक अग्रणी विकास संस्थान है, जो विकासशील देशों में गरीबी से लड़ने तथा सतत् विकास को बढ़ावा देने के लिये ऋण, गारंटी, जोखिम प्रबंधन उत्पादों और विश्लेषणात्मक तथा सलाहकार सेवाएँ देने का काम करता है.



