कैसे करे कोरोना से देश में अर्थव्यवस्था को पहुंचे नुकसान की भरपाई ?
दुनियाभर में कोरोना वायरस से आतंक का माहौल है। दिन प्रति दिन कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है। कोरोना के कारण अर्थवयव्था को भी बहुत बड़ा झटका लगा है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत सरकार के खर्च और आमदनी के बीच का अंतर, यानी राजकोषीय घाटा, 3.1 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गया है। यह आँकड़ा पूरे साल के लिए तय किए गए बजटीय…
दुनियाभर में कोरोना वायरस से आतंक का माहौल है। दिन प्रति दिन कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है। कोरोना के कारण अर्थवयव्था को भी बहुत बड़ा झटका लगा है।
भारत में स्मार्टफ़ोन उद्योग कोरोनोवायरस महामारी के कारण मार्च और अप्रैल के महीनों में काफी गिरावट आई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉकडाउन के बीच बाजारों में कृषि उत्पाद परिवहन में मदद के लिए शुक्रवार को 5 लाख ट्रकों और 20,000 ट्रैक्टरों को एक साथ लाते हुए…
भारत जनसंख्या के हिसाब से बहुत बड़ा देश है. यहां गरीबी भी बहुत देखने को मिलती है.
कोरोना के कहर को खत्म करने के लिए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन जारी है। इस लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थवयस्था एक बड़े पैमाने पर प्रभवित हो रही है।
भारत का केंद्रीय बैंक RBI की स्थापना 1935 में हुई, जबकि SBI की 1955 में। भारत में 14 मुख्य राष्ट्रीयकृत बैंक हैं जिनकी स्थापना 1969 और 1980 में की गई।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने लोगों की बैंकों में जमा रकम को लेकर आश्वस्त किया है कि उनको पैसो को कोई भी खतरा नहीं है.
दिल्ली हिंसा में जहां कई मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी वही व्यवसाय भी इससे काफी हद तक प्रभावित हुआ, दिल्ली हिंसा में दुकानदारों की दुकाने जल गई।