ब्रिटेन: अमेरिकी वायुसेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एयरबेस पर सुरक्षा अलर्ट, कई लोग हिरासत में
ब्रिटेन के ग्लॉस्टरशायर में स्थित रॉयल एयर फोर्स (RAF) फेयरफोर्ड एयरबेस पर रविवार को एक बड़ी सुरक्षा घटना सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने इसे 'मेजर इन्सिडेंट' (बड़ी वारदात) घोषित कर दिया। समाचार एजेंसी…
ब्रिटेन के ग्लॉस्टरशायर में स्थित रॉयल एयर फोर्स (RAF) फेयरफोर्ड एयरबेस पर रविवार को एक बड़ी सुरक्षा घटना सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने इसे 'मेजर इन्सिडेंट' (बड़ी वारदात) घोषित कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस घटना के सिलसिले में एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत अपराध के संदेह में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह वही एयरबेस है जिसका इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना भी करती है।
सुरक्षा कारणों से, अधिकारियों ने एयरबेस के पास व्हेलफोर्ड इलाके में कई घरों को खाली करा लिया। प्रभावित लोगों को पास के एक मनोरंजन केंद्र में ठहराया गया है। द गार्डियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के जवान इलाके में कई वाहनों की जांच कर रहे हैं और सशस्त्र पुलिसकर्मियों ने एयरबेस के मुख्य द्वार की घेराबंदी कर दी है। रविवार सुबह फेयरफोर्ड में बड़ी संख्या में पुलिस वाहन, एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां भी देखी गईं।
पुलिस और अमेरिकी वायुसेना का बयान
ग्लॉस्टरशायर पुलिस ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और स्थानीय लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है। पुलिस ने एक बयान में कहा कि वह अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है और ऐसी परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार योजनाओं को सक्रिय किया गया है। हालांकि, गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या या अपराध की प्रकृति पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
वहीं, अमेरिकी वायुसेना के एक प्रवक्ता ने फेयरफोर्ड में चल रही कार्रवाई पर किसी विशिष्ट सुरक्षा उपाय की जानकारी देने से इनकार कर दिया। प्रवक्ता ने कहा, "501वीं कॉम्बैट सपोर्ट विंग और ब्रिटेन में मौजूद अन्य अमेरिकी इकाइयां सतर्क हैं और अमेरिकी सैन्यकर्मियों, नागरिक कर्मचारियों, ठेकेदारों तथा उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएंगी।"
विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है एयरबेस
फेयरफोर्ड एयरबेस हाल के महीनों में विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है। ये विरोध ब्रिटिश सरकार के उस फैसले के खिलाफ हुए हैं, जिसमें अमेरिका को ईरानी मिसाइल ठिकानों पर हमले के लिए इस बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। ये हमले होर्मुज में जहाजों को निशाना बनाने वाले ईरानी हमलों के जवाब में किए जाने थे।
इसी साल जुलाई में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ब्रिटेन को अमेरिकी बमवर्षकों को फेयरफोर्ड से उड़ान भरने की अनुमति न देने की चेतावनी दी थी। उस समय ब्रिटिश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा था कि देश के सशस्त्र बल किसी भी हमले से देश को सुरक्षित रखने के लिए तैयार हैं।
इनपुट: IANS



