गुरूवार, 10 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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BRICS शिखर सम्मेलन 2024: दिल्ली में 12-13 सितंबर को भारी ट्रैफिक जाम की आशंका, VVIP मूवमेंट की तैयारी

भारत इस सप्ताह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी के लिए तैयार है, जिसके चलते 12 और 13 सितंबर को राजधानी दिल्ली के निवासियों को ट्रैफिक जाम और रूट डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता है। इस…

BRICS शिखर सम्मेलन 2024: दिल्ली में 12-13 सितंबर को भारी ट्रैफिक जाम की आशंका, VVIP मूवमेंट की तैयारी
(फोटो: IANS)

भारत इस सप्ताह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी के लिए तैयार है, जिसके चलते 12 और 13 सितंबर को राजधानी दिल्ली के निवासियों को ट्रैफिक जाम और रूट डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता है। इस उच्च-स्तरीय आयोजन में 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडलों समेत कई विदेशी मेहमान शामिल हो रहे हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस आयोजन की भव्यता और मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई है। किसी भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की आवाजाही सिर्फ़ एयरपोर्ट से होटल और आयोजन स्थल तक ही सीमित नहीं होती, बल्कि दिनभर में कई उच्च-सुरक्षा वाले दौरे होते हैं।

क्यों बढ़ेंगी ट्रैफिक की मुश्किलें?

एक अनुमान के अनुसार, सम्मेलन के दौरान हर नेता की दिन में दो से तीन बार आवाजाही हो सकती है। इसमें एयरपोर्ट, होटल, भारत मंडपम स्थित सम्मेलन स्थल, द्विपक्षीय बैठकें और अन्य कूटनीतिक कार्यक्रम शामिल हैं। इस तरह, सभी VVIP मूवमेंट्स को मिलाकर एक ही दिन में 70 से 80 या उससे भी ज़्यादा हाई-सिक्योरिटी काफिले गुज़र सकते हैं। हर मूवमेंट के लिए एक अलग सुरक्षा घेरा, ट्रैफिक नियंत्रण और अस्थायी मार्ग प्रतिबंधों की आवश्यकता होती है, जिसका सीधा असर आम यातायात पर पड़ेगा।

वैश्विक सम्मेलनों की सामान्य प्रक्रिया

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों के दौरान कड़े ट्रैफिक नियम लागू करना एक वैश्विक प्रथा है। दुनिया की किसी भी प्रमुख राजधानी में ऐसे आयोजन होने पर मेहमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित कॉरिडोर और विशेष प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं। भारत भी मेज़बान देश के तौर पर सभी प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए यही मानक अपना रहा है, खासकर जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और तनाव का माहौल है।

भारत की बढ़ती आर्थिक और भू-राजनीतिक भूमिका को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में देश और भी वैश्विक आयोजनों का केंद्र बनेगा। इससे वैश्विक कूटनीति में दिल्ली की भूमिका और भी मज़बूत होगी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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