काला सागर में व्यापारिक जहाज़ों पर हमला, भारत ने की कड़ी निंदा, घायलों में भारतीय नागरिक भी शामिल
काला सागर (ब्लैक सी) से गुज़र रहे चार व्यापारिक जहाज़ों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर भारत ने गहरी चिंता और कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इससे व्यावसायिक…
काला सागर (ब्लैक सी) से गुज़र रहे चार व्यापारिक जहाज़ों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर भारत ने गहरी चिंता और कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इससे व्यावसायिक नौ-परिवहन और नाविकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने कूटनीति और संवाद के ज़रिए शांति बहाली का आह्वान किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को हुई प्रेस वार्ता में इन घटनाओं का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया, "भारत ने मंगलवार से बुधवार के बीच देखा कि चार वाणिज्यिक जहाजों पर हमले हुए। हम इसकी घोर निंदा करते हैं। वाणिज्यिकी नौ परिवहन और नाविक समुदाय को खतरे के दायरे में लाया जा रहा है।"
हमलों में कई भारतीय नागरिक प्रभावित
इन हमलों में कई भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। प्रवक्ता के मुताबिक, पहले हमले का शिकार एमवी रायोद मम्मदोव जहाज़ हुआ, जिस पर सवार तीन भारतीयों में से एक को चोट आई है। वहीं, पलाऊ के ध्वज वाले एमबी केबल जहाज़ पर हुए ड्रोन हमले के बाद सभी 18 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया, जिनमें 7 भारतीय थे। इनमें से भी एक भारतीय घायल हुआ है।
जायसवाल ने बताया कि रोमानिया और बुल्गारिया स्थित भारतीय दूतावास घायल नागरिकों के संपर्क में हैं और उनकी देखभाल सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने बचाव अभियान के लिए बुल्गारिया का धन्यवाद भी किया।
दो अन्य जहाज़ भी बने निशाना
इनके अलावा, टोगो के झंडे वाले जहाज़ अल्फावतन और लाइबेरिया के ऑयल टैंकर अफ्रामैक्स रियो पर भी हमला हुआ। अफ्रामैक्स रियो पर सवार सभी 23 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया, जिनमें से एक घायल का इलाज चल रहा है। अल्फावतन जहाज़ पर मौजूद क्रू के बारे में फिलहाल जानकारी जुटाई जा रही है।
रणधीर जायसवाल ने भारत का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा, "ये हमले वाणिज्यिक जहाजों और हमारे लोगों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं और हमें इससे चिंता होती है। हम आह्वान करते हैं कि कूटनीति और संवाद का रास्ता अपनाया जाए ताकि शांति लौटे। हमारे नाविक समुदाय को टारगेट करना ठीक नहीं है।" उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नौ-परिवहन निर्बाध रूप से जारी रहना चाहिए।
इनपुट: IANS



