सोमवार, 3 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

संसद में पप्पू यादव के प्रदर्शन पर भाजपा का तीखा हमला, संसदीय मर्यादा के उल्लंघन का आरोप

संसद परिसर में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव द्वारा राम मंदिर और संतों से जुड़े एक कथित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने इस घटना को सनातन…

संसद में पप्पू यादव के प्रदर्शन पर भाजपा का तीखा हमला, संसदीय मर्यादा के उल्लंघन का आरोप
(फोटो: IANS)

संसद परिसर में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव द्वारा राम मंदिर और संतों से जुड़े एक कथित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने इस घटना को सनातन परंपरा, संत समाज और भगवान राम का घोर अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में विपक्षी नेताओं पर दर्ज हुई FIR को समाजवादी पार्टी ने अनावश्यक बताया है।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने इस प्रदर्शन को नियमों और संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताया है। उन्होंने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को नियम 222, 223 और 227 के तहत नोटिस भी दिया है। जायसवाल ने मांग की है कि इस मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

सांसदों ने लगाए गंभीर आरोप

संजय जायसवाल ने 31 जुलाई को संसद के मकर द्वार के सामने हुए इस प्रदर्शन को संविधान के अनुच्छेद 25 की भावना का उल्लंघन भी करार दिया। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव इस घटना के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं और यह सदन की अवमानना और विशेषाधिकार हनन का स्पष्ट मामला है।

इसी मुद्दे पर भाजपा के एक अन्य सांसद साक्षी महाराज ने भी पप्पू यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने संतों-साधुओं और पवित्र भगवा परंपरा का अपमान करके गंभीर अपराध किया है। उनके मुताबिक, सभी जनप्रतिनिधियों का यह कर्तव्य है कि वे धार्मिक आस्था और संत समाज का सम्मान बनाए रखें।

प्रदर्शन के तरीके पर उठे सवाल

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने संत का वेश धरकर हिंदू संतों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की है। उन्होंने टिप्पणी की कि अगर उन्हें अभिनय ही करना है तो क्या वे अन्य धार्मिक वेशभूषा में भी ऐसा करने का साहस दिखाएंगे? सिन्हा ने इसे हिंदू समाज की सहिष्णुता का गलत फायदा उठाने का प्रयास बताया। इसी दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का समर्थन भी किया।

इस बीच, भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने एक अलग मुद्दे पर झारखंड सरकार को घेरा। उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके कारण राज्य के युवाओं को नौकरी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि आयोग के सदस्य कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े हुए हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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