संसद सत्र में गतिरोध पर भाजपा ने विपक्ष को घेरा, कहा- चर्चा से भाग रही है कांग्रेस
संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ने और लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS की एक…
संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ने और लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष जानबूझकर बहस से भागता रहा।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह देश की जनता के सामने स्पष्ट हो गया है कि सरकार किसी भी विषय पर जवाब देने को तैयार थी। उन्होंने कहा, "गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा ने लोकसभा तथा राज्यसभा में विपक्ष को चर्चा का भरोसा दिया था, इसके बावजूद विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा है।" मजूमदार ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष को डर है कि वह अपने उठाए गए सवालों का जवाब नहीं दे पाएगा।
राहुल गांधी पर सीधा हमला
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विशेष रूप से निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार अपनी बात सुनने की मांग कर रहे थे, लेकिन जब गृह मंत्री अमित शाह ने 24 घंटे बातचीत के लिए तैयार होने की पेशकश की, तो वे पीछे हट गए। प्रसाद ने राहुल पर सिर्फ राजनीति करने और झारखंड में छात्रों के मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाया। इसी तरह, भाजपा नेता मनन मिश्रा ने भी कांग्रेस पर भ्रष्टाचार में घिरे होने और छात्रों की जायज मांगों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।
हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' और अन्य राजनीतिक बयान
राजनीतिक बयानबाजी सिर्फ संसद तक ही सीमित नहीं रही। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए कथित 'शुद्धिकरण' हवन पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। इस मामले पर भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और जिन्होंने यह रस्म निभाई है, वही इसकी वजह बता सकते हैं। वहीं, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना पर आपत्ति जताते हुए कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के साथ भेदभाव और शोषण आज भी जारी है।
इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल सिंह के एक बयान पर भी प्रतिक्रिया हुई, जिसमें उन्होंने सपा सरकार बनने पर आजम खान को गृह मंत्री बनाने की बात कही थी। इस पर भाजपा सांसद मदन राठौर ने कहा कि सपना देखने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन ऐसे बयान तुष्टिकरण की राजनीति के तहत दिए जाते हैं।
अगले सत्र के लिए चेतावनी
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मांग पूरी होने के बाद विपक्ष अपना मुद्दा बदल देता है और इस तरह संसद नहीं चल सकती। उन्होंने स्पीकर से सत्र के दौरान हुई घटनाओं पर ध्यान देने और अगले सत्र में भी हंगामा होने पर कार्रवाई करने की मांग की, ताकि सदन सुचारू रूप से काम कर सके।
इनपुट: IANS



