अनुच्छेद 370 पर बयान: जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री पर भाजपा का पलटवार, कहा- विकास पर ध्यान दें, बांटने पर नहीं
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के अनुच्छेद 370 वापस लाने के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने…
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के अनुच्छेद 370 वापस लाने के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में भाजपा नेताओं ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को अब इन पुराने मुद्दों को फिर से उठाने से बचना चाहिए और विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने हाल ही में कहा था कि वे अनुच्छेद 370 को वापस लेकर रहेंगे। इसी बयान पर पलटवार करते हुए विपक्ष के नेता और भाजपा नेता सुनील शर्मा ने इसे पार्टी प्रमुख के प्रति वफादारी दिखाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा, "ऐसी खबरें हैं कि सरकार भ्रष्टाचार और कामकाज के आधार पर कई मंत्रियों में फेरबदल कर रही है, इसलिए शायद यह बयान उनकी वफादारी दिखाने के लिए दिया गया है।"
"बलिदान का अपमान"
सुनील शर्मा ने उपमुख्यमंत्री के बयान को गंभीर बताते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 को आतंकवाद और अलगाववाद का बीज माना जाता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए वीर सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी है और यह बयान उन वीरों के बलिदान को शर्मसार करता है। शर्मा के अनुसार, "जिस निर्वाचन क्षेत्र से वह (चौधरी) जीते हैं, वहां के लोग इस मिट्टी और अलगाववाद-आतंकवाद के विरुद्ध अपना खून बहाने वाले हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद समाज शांतिपूर्ण माहौल में रह रहा है, लेकिन कुर्सी और स्वार्थ के लिए ऐसी बातें की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री की पार्टी की तीन पीढ़ियों ने जम्मू-कश्मीर को "रक्तरंजित" किया है।
"इतिहास के पन्ने वापस नहीं आते"
एक अन्य भाजपा नेता सतपाल शर्मा ने भी IANS से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री को सलाह दी। उन्होंने कहा कि देश को बांटने की नीति आक्रमणकारियों और अंग्रेजों की थी। उन्होंने कहा, "हम जब एक भारत श्रेष्ठ भारत की बात करते हैं, तो हमारी संस्कृति की पहचान हर जगह दिखनी चाहिए।" सतपाल शर्मा ने कहा कि चौधरी को अपने निर्वाचन क्षेत्र में काम पर ध्यान देना चाहिए और प्रदेश में विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने टिप्पणी की, "इतिहास के पन्नों में गुम हुई चीजें वापस नहीं आती। अनुच्छेद 370 और 35ए अब पुरानी बातें हो चुकी हैं।"
इनपुट: IANS



