तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी: वकील ने पुलिस प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल, कहा- नियमों की अनदेखी हुई
जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उनके वकील ने पुलिस की कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। यादव को…
जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उनके वकील ने पुलिस की कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। यादव को NEET पेपर लीक मामले में एक प्रदर्शन के बाद शनिवार, 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि गिरफ्तारी के दौरान कानूनी प्रक्रिया का सही से पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने तेजप्रताप यादव को बिना किसी वैध आधार के हिरासत में लिया और उन्हें गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी भी नहीं दी गई।
पुलिस पर प्रक्रिया के उल्लंघन का आरोप
अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने पूरी घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि तेजप्रताप यादव को 25 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे पटना के सिटी सेंटर मॉल से हिरासत में लिया गया था, जिसकी पुष्टि मॉल के CCTV फुटेज से की जा सकती है। उनका कहना है कि जब वे रात लगभग 10:30 बजे नौबतपुर थाने पहुंचे, तो वहां मौजूद अधिकारियों को भी गिरफ्तारी की वजह या संबंधित FIR की कोई जानकारी नहीं थी।
वकील के मुताबिक, पुलिस पहले गांधी मैदान थाने से FIR आने का इंतजार करने की बात कहती रही, लेकिन काफी देर तक कोई कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब यादव को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के लिए ले जाया जा रहा था, तब पुलिस ने उनसे कुछ कागजों पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश की, जिसका उन्होंने FIR की कॉपी मिले बिना विरोध किया।
अदालत में कानूनी लड़ाई
जगन्नाथ सिंह ने बताया कि मजिस्ट्रेट के निर्देश के बाद केवल 'मेमो ऑफ अरेस्ट' की एक प्रति दी गई, लेकिन FIR, आरोपों की विस्तृत जानकारी और रिमांड आदेश की कॉपी अभी तक उन्हें नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि तेजप्रताप यादव की रिहाई के लिए अदालत में एक आवेदन दिया गया है, जिस पर अदालत ने सोमवार को नियमित प्रक्रिया के तहत जमानत याचिका दाखिल करने के लिए कहा है।
फिलहाल, अधिवक्ता द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला अब कानूनी दांव-पेंच में उलझ गया है, जहां एक तरफ पुलिस की कार्रवाई है और दूसरी तरफ बचाव पक्ष के गंभीर आरोप।
इनपुट: IANS



