रविवार, 19 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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पूर्वी चंपारण: पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए अवैध रूप से चल रही मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। चकिया थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में 500 से ज्यादा बने और…

पूर्वी चंपारण: पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए अवैध रूप से चल रही मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। चकिया थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में 500 से ज्यादा बने और अधबने कारतूसों के साथ भारी मात्रा में विस्फोटक और बनाने की मशीनें बरामद की गई हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में मुख्य सरगना समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

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पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात ने रविवार को बताया कि यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई। इसके लिए एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया था, जिसमें चकिया और पकड़ीदयाल के एसडीपीओ के नेतृत्व में मेहसी, चकिया, मधुबन, गड़हिया, और फेनहारा थानों की पुलिस के साथ जिला आसूचना इकाई (DIU) भी शामिल थी।

मास्टरमाइंड का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस ने इस फैक्ट्री को चलाने वाले मास्टरमाइंड श्रीकांत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है, जो मड़पा मोहन गांव का रहने वाला है। अधिकारियों के अनुसार, श्रीकांत पर पहले से ही आर्म्स बुलेट से जुड़े 5 मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, वह 2012 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जेल भी जा चुका है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खंगालने में जुटी है।

भारी मात्रा में विस्फोटक और रसायन बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक कारतूसों के अलावा कई अहम चीजें जब्त की हैं। इनमें कारतूस बनाने वाली मशीनें, मेटल शीट, गन पाउडर और बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ शामिल हैं। बरामद रसायनों में नाइट्रिक एसिड, रेड फास्फोरस, एसीटोन और चारकोल जैसी खतरनाक सामग्री है। पुलिस इस कार्रवाई को हथियार तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मान रही है।

SP स्वर्ण प्रभात ने इस सफल अभियान के लिए पुलिस टीम की सराहना करते हुए 25 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने विशेष रूप से मेहसी थानाध्यक्ष सानु गौरव और DIU के सब-इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन के काम को सराहा। पुलिस के मुताबिक, मामले की आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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