भागलपुर में प्रदर्शन के दौरान हिंसा: पुलिस ने जारी की 155 संदिग्धों की तस्वीरें, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज
बिहार के भागलपुर में 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में शामिल संदिग्ध…
बिहार के भागलपुर में 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में शामिल संदिग्ध उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस ने रविवार को 155 लोगों की तस्वीरें जारी की हैं। प्रशासन ने आम लोगों से इन तस्वीरों में दिख रहे व्यक्तियों को पहचानने और उनकी जानकारी देने की अपील की है।
भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय ने बताया कि ये तस्वीरें सोशल मीडिया और अन्य उपलब्ध स्रोतों से जुटाई गई हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से फोटो के क्रम संख्या के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देने का आग्रह किया है। सूचना देने वालों की मदद से आरोपियों की गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया को गति दी जाएगी। इसके लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 9031828002, 9031828003, 9031828010, 9031828011 और 9031827930 जारी किए हैं।
क्या हुआ था प्रदर्शन के दिन?
पुलिस के मुताबिक, बिहार बंद के दिन 25 जुलाई को छात्र शहर के मनाली चौक, तिलकामांझी चौक और अन्य इलाकों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच कुछ असामाजिक और उपद्रवी तत्व प्रदर्शनकारियों में शामिल हो गए और माहौल हिंसक हो गया। आरोप है कि इन उपद्रवियों ने पुलिस बल, मीडियाकर्मियों और आम नागरिकों पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिसमें कई लोगों को सामान्य चोटें भी आईं।
सरकारी संपत्ति को भी पहुंचाया नुकसान
इस हिंसक घटना के दौरान तिलकामांझी चौक पर उपद्रवियों ने पुलिस के वाहनों और अन्य सार्वजनिक संपत्ति को निशाना बनाया। पुलिस ने बताया कि दो सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और एक स्मारक चिन्ह को भी नुकसान पहुंचाया गया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 25 से 30 उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया था।
सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया के आधार पर 100 से अधिक अन्य संदिग्धों की पहचान पहले ही की जा चुकी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी चल रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इनपुट: IANS



