51 साल से कर रहें है पूरे गाँव की सफाई, दो पत्नियों ने छोड़ा लेकिन जूनून अब भी सफाई के लिए कायम

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Bihar Navada Man story of cleanliness despite his two wives left him
Bihar Navada Man story of cleanliness despite his two wives left him

सफाई हमारे समाज के बहुत जरूरी है। अगर हमें स्वस्थ समाज चाहिए तो उसके लिए स्वच्छ माहौल की जरूरत होती है। देश को इसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता का आंदोलन छेड़ रखा है। सफाई को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। ऐसा देखा गया है कि कुछ लोग बहुत ही सफाई पसंद होते हैं और कुछ लोग एक दम गंदिगी में रहना पसंद करते हैं। जो ज्यादा सफाई पसंद करते हैं उनमें यह एक रोग की तरह फ़ैल जाता है। बिहार के रहने वाले एक व्यक्ति को सफाई का ऐसा रोग लगा कि उसकी दो-दो पत्नियां उसे छोड़कर जा चुकी हैं लेकिन वो है कि सफाई करते जा रहा है। आइये इस बारें में विस्तार से जानते हैं-

इस शख्स का नाम किशोरी सिंह हैं। इनकी उम्र 68 साल है। यह बिहार के नवादा के एक गाँव में रहते हैं। यह गाँव में घूम-घूमकर इतना सफाई करते हैं कि इनकी इस आदत की वजह से इन दो पत्नियाँ इन्हे छोड़कर जा चुकी हैं। दोनों ही इनके इस सफाई पसंद रवैये से खीझ चुकी थी। किशोरी सिंह गाँव की हर गलियों और नालियों की सफाई करते रहते हैं।

आपको जानकार हैरानी होगी कि किशोरी सिंह यह काम एक या दो साल से नहीं बल्कि 51 साल से कर रहें है। 68 साल की उम्र होने के बावजूद किशोरी सिंह में सफाई के लिए जज्बे में कोई कमी नहीं है।

किशोरी सिंह को सफाई का चस्का तब चढ़ा जब इनकी शादी के समय घर में आया रिश्तेदारों ने भोज के बाद गंदिगी फैला दी। इस गंदिगी को साफ़ करने के लिए खुद किशोरी सिंह ने झाड़ू उठा ली। आज का समय है किशोरी सिंह ने सफाई के प्रति वह जज्बा नहीं छोड़ा है, बल्कि यह उनका जूनून बन गया है।

प्रातः 4 बजे से शाम तक करते हैं सफाई

जूनून ऐसा है कि किशोरी सिंह गाँव की साफ़ सफाई के लिए सुबह 4 बजे उठ जातें हैं। एक हाथ में झाड़ू हाथ में तगाड़ी लेकर गाँव की गलियों और नालियों की सफाई में निकल जाते हैं।

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इस दौरान वह बिना खाये पिए लगे रहते हैं। अगर कोई उन्हें चाय देता है तो वह पी लेते हैं। गाँव वालों के मुताबिक कभी कभी तो ऐसा होता है कि वह बिना खाये ही तीन-चार बजे तक लगे रहते हैं। जब इन्हें तसल्ली हो जाती है तब यह घर जाकर खुद नहा धोकर खाना बनाकर खाते हैं। खास बात यह है कि किशोरी सिंह हफ्ते के एक स्कूल और मंदिर की सफाई जरूर करते हैं।

पागल कहते हैं लोग

किशोरी सिंह के अनुसार, उनके सफाई के प्रति जूनून देखकर लोग उन्हें पागल कहते हैं। जो पढ़े लिखे लोग हैं वह उनके काम की सराहना करते है और भी लोगों को इस काम के लिए प्रोत्साहित करते हैं।