बिहार के वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को बड़ी राहत, सरकार ने जारी किया 461 करोड़ का सहायक अनुदान
बिहार के वित्त रहित विद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत हज़ारों शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को घोषणा की कि इन संस्थानों…
बिहार के वित्त रहित विद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत हज़ारों शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को घोषणा की कि इन संस्थानों के लिए 461 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान जारी कर दिया गया है। इस राशि का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों (शिक्षकेत्तर कर्मियों) के भुगतान संबंधी ज़रूरतों को पूरा करना है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सोशल नेटवर्किंग साइट 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से दी। उन्होंने इस अनुदान को वित्त रहित शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक "महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता" बताया। इस कदम से इन अनुदानित संस्थानों के संचालन और वहां काम करने वाले लोगों के भुगतान की प्रक्रिया को सुचारू बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शिक्षकों के हित में सरकार का प्रयास
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पोस्ट में कहा कि सरकार शिक्षकों, कर्मियों और शिक्षण संस्थानों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने "उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य" का नारा देते हुए शिक्षा को राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। यह अनुदान सरकार की उस व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करना है।
यह घोषणा उस पृष्ठभूमि में भी महत्वपूर्ण है जब मुख्यमंत्री ने हाल ही में शिक्षक दिवस के अवसर पर वित्त रहित शिक्षकों के लिए एक अलग वेतनमान की व्यवस्था करने का वादा किया था। उस वादे के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों के संगठनों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी, और अब इस अनुदान को उसी दिशा में एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, शनिवार की घोषणा में इस बात का ब्योरा नहीं दिया गया कि यह राशि किस संस्थान को कितनी मिलेगी या भुगतान कब तक किया जाएगा।
इनपुट: IANS



