बिहार का रामासी गाँव बना देश का पहला 'सिंदूर ग्राम', कृषि विश्वविद्यालय की पहल से बदलेगी तस्वीर
बिहार के भागलपुर जिले का रामासी गाँव अब देश के पहले 'सिंदूर ग्राम' के रूप में जाना जाएगा। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर ने इस गाँव को गोद लेकर एक अनूठी पहल की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण…
बिहार के भागलपुर जिले का रामासी गाँव अब देश के पहले 'सिंदूर ग्राम' के रूप में जाना जाएगा। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर ने इस गाँव को गोद लेकर एक अनूठी पहल की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कदम सिंदूर के पौधे (एनाट्टो) की खेती के माध्यम से कृषि आधारित रोजगार पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने किया, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों और बड़ी संख्या में महिला किसानों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर गाँव की एक एकड़ जमीन पर सीता सिंदूर के 250 पौधे लगाए गए और 100 महिला किसानों को पौधे वितरित भी किए गए। उनकी आजीविका को मजबूत करने के लिए हॉर्टिकल्चर टूल किट और पावर नैपसैक स्प्रेयर जैसी मशीनें भी उपलब्ध कराई गईं।
सिर्फ धार्मिक ही नहीं, औद्योगिक महत्व भी
कार्यक्रम में बताया गया कि सिंदूर केवल सुहाग का प्रतीक नहीं, बल्कि इसका बड़ा औद्योगिक महत्व भी है। डॉ. रवि केशरी ने इसके धार्मिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक उपयोगों पर प्रकाश डाला। कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने बताया कि एनाट्टो का इस्तेमाल अमूल सहित कई खाद्य उद्योगों में प्राकृतिक रंग के तौर पर होता है और इसके बिक्सिन तेल के भी कई औद्योगिक उपयोग हैं।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विश्वविद्यालय ने सिंदूर बनाने की तकनीक का पेटेंट और सीता सिंदूर के लिए जीआई टैग भी हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि वैज्ञानिक डॉ. वी. शाजीदा बानो के तीन साल के शोध का परिणाम है, जिन्होंने इस तकनीक को प्रयोगशाला से खेतों तक पहुँचाया।
भविष्य की योजनाएं और बाजार की उपलब्धता
विश्वविद्यालय किसानों को फसल बेचने के लिए डिजिटल पोर्टल के माध्यम से बाजार मुहैया कराएगा। कुलपति ने घोषणा की कि गाँव में ही एक सिंदूर प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जाएगी, ताकि बीज से शुद्ध सिंदूर पाउडर तैयार किया जा सके। भविष्य में रामासी में सिंदूर नर्सरी के साथ-साथ मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसी एकीकृत गतिविधियाँ भी शुरू की जाएँगी। इसके अलावा, दानापुर कैंटोनमेंट क्षेत्र में दुनिया का पहला 'सिंदूर पार्क' विकसित करने की भी योजना है। इस पहल का सन्हौला के विधायक सुभानंद मुकेश और रामासी पंचायत की मुखिया शोभा देवी ने स्वागत करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इनपुट: IANS



