बिहार के मखाने ने भरी विदेश की उड़ान, कनाडा भेजी गई 7 मीट्रिक टन की पहली समुद्री खेप
बिहार के प्रसिद्ध मखाने की वैश्विक बाज़ार में धमक लगातार बढ़ रही है। हाल ही में राज्य के दरभंगा से कनाडा के लिए सात मीट्रिक टन फ्लेवर्ड मखाने की पहली समुद्री खेप रवाना की गई है। इस बड़े निर्यात को…
बिहार के प्रसिद्ध मखाने की वैश्विक बाज़ार में धमक लगातार बढ़ रही है। हाल ही में राज्य के दरभंगा से कनाडा के लिए सात मीट्रिक टन फ्लेवर्ड मखाने की पहली समुद्री खेप रवाना की गई है। इस बड़े निर्यात को बिहार के कृषि उत्पादों को दुनिया तक पहुंचाने और देश के मूल्य-वर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम से न केवल बिहार के मखाने को वैश्विक पहचान मिल रही है, बल्कि इससे जुड़े किसानों को भी बड़ा आर्थिक लाभ हो रहा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसे बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने लिखा कि वैश्विक बाजार तक पहुंच के इस प्रयास से किसानों को 50 प्रतिशत से अधिक बेहतर मूल्य मिल रहा है।
निर्यातकों ने जताया आभार
इस सफलता पर मखाना निर्यातक मनीष कुमार ने खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "यह बिहार के लिए गर्व की बात है कि हमारी सरकार युवाओं को अच्छा माहौल दे रही है।" उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले पूर्णिया से भी समुद्री मार्ग के जरिए दुबई को मखाना निर्यात किया जा चुका है। उन्होंने कहा, "अब यह जानकर खुशी हो रही है कि दरभंगा से साधारण मखाना का निर्यात हुआ है। हर काम धीरे-धीरे ही आगे बढ़ता है।"
मनीष कुमार ने केंद्र और राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा, "इसके लिए मैं भारत सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। आप लोग इसी तरह युवाओं की मदद करते रहें। फ्लेवर्ड और रोस्टेड मखाना जैसे वैल्यू-एडेड उत्पादों का निर्यात भी लगातार बढ़ता रहे, यही मेरी आशा है।"
इनपुट: IANS



