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बिहार में सरकारी अस्पतालों का हाल जानकर आप भी हो जाएंगे बीमार

किसी भी देश के लिए चिकित्सा व्यवस्था दुरुसत होना बहुत जरुरी होता है। बिना अच्छी चिकित्सा व्यवस्था के हम एक स्वस्थ समाज की कामना भी नहीं कर सकते है और अच्छी…

बिहार में सरकारी अस्पतालों का हाल जानकर आप भी हो जाएंगे बीमार
किसी भी देश के लिए चिकित्सा व्यवस्था दुरुसत होना बहुत जरुरी होता है। बिना अच्छी चिकित्सा व्यवस्था के हम एक स्वस्थ समाज की कामना भी नहीं कर सकते है और अच्छी चिकित्सा के लिए अच्छे अस्पतालों का होना जरुरी है। बिना अच्छे अस्पतालों के समाज में किसी भी शख्स को अच्छी चिकित्सा नहीं मिल सकती है। लेकिन बिहार में अस्पतालों का ये हाल है की अगर आप स्वस्थ है तो ये अस्पताल आपको पुरी तरह से बिमार कर देंगे। bihar government hospital 3 यह भी पढ़ें : यह है दिल्ली के मशहूर अस्पताल जो देते है बेहतरीन सुविधायें पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ) पीएमसीएच पुरे बिहार में सबसे बड़ा मेडिकल अस्पताल है। कहते है की एक जमानें में पीएमसीएच बिहार में शानदार मेडिकल अस्पताल हुआ करता था। लेकिन आज की तारीख़ में यह अस्पताल अपने अच्छे इलाज की बजाए अपने खस्ता हाल के लिए जाना जाता है। इस अस्पताल की हालत इतनी ख़राब है की स्ट्रैचर की कमी के कारण लोग यहां अपने मरीजों को ढेलों, चारपाई और रिक्शों में लेकर जाते है। पीने के पानी से लेकर सुरक्षा तक सब चीजों का अभाव है। bihar government hospital 4 सदर अस्पताल मुज्जफरपुर बिहार के सद़र अस्पताल की भी हालत किसी से छिपी नहीं है। यहां पर बुनियादी सुविधाएं नहीं होने के कारण डॉक्टर अक्सर हड़ताल पर चले जाते है। जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस अस्पताल में लोग आए दिन ख़राब व्यवस्था के कारण तोड़फोड़ करने लगते है जिसके कारण अस्पताल को बंद करना पड़ता है। bihar government hospital 2 1 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिहार के हाजीपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तो डॉक्टर मरीजों का अच्छे से इलाज करवा पाए या नहीं लेकिन मरीजों के रिश्तेदार अस्पताल में ही झाड-फूंक कर के ही मरीजों का इलाज करा रहे है। इससे पहले एक विडीयो आया था जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लोग झाड फूक से लोगों का इलाज करा रहे है।  इससे भी बड़ी बात यह है की यह सब सरकारी महकमें के ऑखों के सामने हो रहा है लेकिन इसे रोकने के लिए सरकारी तंत्र पुरी तरह से नाकामयाब है। bihar government hospital 1 नालंदा मेडिकल कॉलेज नालंदा मेडिकल कॉलेज की स्थापना 1970 में हुई थी। इसे डॉक्टर विजय नारायण सिंह नें स्थापित किया था। इतने साल गुजर जाने के बाद भी यहां लोगों को चिकित्सा के लिए अच्छी सुविधाएं नहीं मिल रहीं है। आज भी नालंदा के लोग अपनी जटिल से जटिल बीमारी का इलाज कराने के लिए दिल्ली के एम्स अस्पताल का रुख कर रहे है। इससे साफ़ जाहिर होता है की नालंदा मेडिकल कॉलेज में अभी भी उच्च स्तरीय सुविधाओं का अभाव है।
विषयबिहार
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Rohit Bhadola

रोहित भदोला News4Social के संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम को कवर करते हैं, और पाठकों को संतुलित व तथ्यपरक जानकारी देने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। सभी लेख देखें →

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