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बड़ी खबर: आधार कार्ड लिंक करने कि आख्रिरी तारीख में सरकार ने किया बड़ा उलटफेर

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केंद्र सरकार ने बुधवार को आधार कार्ड और पैन कार्ड से जुड़ा एक अहम फैसला लिया है. इस फैसले का जनता पर क्या असर पड़ेगा ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा मगर कयास लागाये जा रहे है कि गुजरात चुनाव के मद्देनज़र ये क़दम उठाया गया है. सरकार ने अपने अगले आदेश तक बैंक खातों से आधार कार्ड और स्थायी खाता संख्या (पैन कार्ड) को जोड़ने की समय सीमा 31 दिसंबर को आगे बढ़ा दिया है.  इससे पहले, 31 दिसंबर को बैंक खातों में विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईडी) को जोड़ने के लिए अंतिम तिथि के रूप में निर्धारित किया था.

वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा मंगलवार को जारी एक अधिसूचना के मुताबिक ज़रूरी परामर्श के बाद केंद्र सरकार द्वारा अगली डेडलाइन की सूचना दी जाएगी.

सरकार की इस नई अधिसूचना में 2002 के धन शोधन निवारण अधिनियम को संशोधित किया गया है जिसमे आधार संख्या और पैन को 31 दिसंबर, 2017 तक प्रस्तुत करने की आवश्यकता थी, और कहा गया था कि आधार संख्या, और पैन या फॉर्म नंबर 60 जमा करें। काले धन के लेनदेन और काला बाजारी पर नाके ल कसने के लिए ये फैसला लिया गया था.

ये घोषणा तब आयी है जब सरकार ने शुक्रवार को पैन कार्ड के साथ आधार जोड़ने के लिए स

मय सीमा को 31 दिसंबर, 2017 से 31 मार्च 2018 तक बढ़ाने की घोषणा की है। सूत्रों ने बताया कि अब तक 14 करोड़ से ज्यादा पैन कार्ड आधार से जोड़ दिए गए हैं जो आयकर विभाग द्वारा जारी किए गए कुल 33 करोड़ कार्डों का सिर्फ 41% है। आज की तारीख में तक़रीबन 115 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड हैं.

इसी बीच उम्मीद है कि  सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशॉ की एक संवैधानिक पीठ गुरुवार को “सरकार की योजनाओं और कल्याणकारी कार्यों का लाभ उठाने के लिए आधार की अनिवार्यता” को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर सकती है.

24 अगस्त को, नौ न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने फैसला सुनाया था कि गोपनीयता एक मौलिक अधिकार है, जो कि उचित प्रतिबंधों के अधीन आती है. यह देखा गया है कि, “गोपनीयता के अधिकार को अनुच्छेद 21 के तहत जीने के अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के साथ ही सुरक्षित किया गया है और संविधान के भाग-3 द्वारा दिए गए स्वतन्त्रता के रूप में भी गया है. उम्मीद है कि इस फैसले का प्रभाव पांच न्यायाधीशों की पीठ के आधार मामले की सुनवाई पर पड़ सकता है.

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