जम्मू-कश्मीर: BRO ने बारिश और भूस्खलन से प्रभावित राजौरी, पुंछ और रियासी में यातायात बहाल किया
जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ और रियासी जिलों में हालिया भारी बारिश और भूस्खलन से ठप हुई जिंदगी अब दोबारा पटरी पर लौट रही है। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने युद्धस्तर पर काम करते हुए इन सीमावर्ती इलाकों में…
जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ और रियासी जिलों में हालिया भारी बारिश और भूस्खलन से ठप हुई जिंदगी अब दोबारा पटरी पर लौट रही है। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने युद्धस्तर पर काम करते हुए इन सीमावर्ती इलाकों में बंद पड़े सड़क संपर्क को फिर से बहाल कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, BRO ने 'प्रोजेक्ट संपर्क' के तहत तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य मार्गों से मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया, जिससे सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि 19 से 24 जुलाई के बीच हुई मूसलाधार बारिश ने कई जगहों पर बड़े भूस्खलन पैदा कर दिए थे। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-144ए (राजौरी-पुंछ हाईवे) समेत कई महत्वपूर्ण सड़कें बंद हो गई थीं, जिससे सेना, आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।
युद्धस्तर पर चला राहत अभियान
BRO ने खराब मौसम और मुश्किल भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद अपने कर्मचारियों और आधुनिक उपकरणों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया। राजौरी-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ रियासी से महोर और राजौरी से बुढाल तक जाने वाली सड़कों पर भी यातायात बहाल किया गया। लगातार बारिश ने राजौरी-थानामंडी सड़क और पुंछ में सड़क निर्माण में लगे ठेकेदारों के उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया, लेकिन इसके बावजूद राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आई।
आपदा में काम आया बेली ब्रिज
बारिश के दौरान बडोरा नाले पर बना एक अस्थायी डायवर्जन तेज बहाव में बह गया था। लेकिन BRO ने मानसून से पहले की गई तैयारी के तहत पहले से स्थापित 200 फीट लंबे बेली ब्रिज का इस्तेमाल कर यातायात को जारी रखा। इस कदम से महोर क्षेत्र का संपर्क राजौरी और बुढाल से बना रहा और यह इलाका बाकी हिस्सों से कटने से बच गया।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि BRO के जवानों और इंजीनियरों ने जोखिम भरे हालात में काम करते हुए न्यूनतम समय में सड़कें खोलीं। यह अभियान दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में हर मौसम में रणनीतिक सड़क नेटवर्क चालू रखने की BRO की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षा बलों की परिचालन क्षमता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण है।
इनपुट: IANS



