भरत तिवारी एनकाउंटर: आरोपी अफसर को नई तैनाती पर तेजस्वी का सवाल- 'CM की अनुमति के बिना कुछ नहीं होता'
बिहार के चर्चित भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में आरोपी एक पुलिस अधिकारी को नई जिम्मेदारी दिए जाने से सियासी घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने इसे लेकर सीधे
बिहार के चर्चित भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में आरोपी एक पुलिस अधिकारी को नई जिम्मेदारी दिए जाने से सियासी घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने इसे लेकर सीधे मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि सरकार केवल दिखावटी कार्रवाई कर रही है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में शीर्ष स्तर की सहमति के बिना कोई कार्रवाई संभव नहीं थी। उन्होंने दावा किया, "बिना मुख्यमंत्री की अनुमति के किसी की हिम्मत ही नहीं है। गृह मंत्री भी वही हैं। पहले अधिकारी द्वारा उनको मैसेज भेजा गया, तब एनकाउंटर हुआ है। अब केवल दिखावटी कार्रवाई हो रही है।"
सरकार पर संरक्षण देने का आरोप
राजद नेता ने भोजपुर जिले के जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को नई तैनाती दिए जाने पर गंभीर सवाल उठाए। गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में दर्ज प्राथमिकी में शर्मा समेत कई पुलिसकर्मी नामजद आरोपी हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराधियों और दोषी अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिस वजह से पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा, "यहां जो भी अपराधी हैं, उनको संरक्षण मिलता है। सही तरीके से सुनवाई और कार्रवाई नहीं हो पाती है। यही सच्चाई है। सत्ता में बैठे लोग पूरे मामले की सच्चाई जानते हैं।" तेजस्वी यादव ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि आरोपी अधिकारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है और उन्हें नई जिम्मेदारी किस आधार पर सौंपी गई।
विपक्ष के निशाने पर सरकार
भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर का मामला सामने आने के बाद से ही विपक्ष लगातार बिहार सरकार पर हमलावर रहा है। अब आरोपी अधिकारी को नई तैनाती मिलने के बाद यह विवाद और गहरा गया है। विपक्ष इसे सरकार की मंशा पर सवाल उठाने वाला फैसला बता रहा है, जिससे राज्य में सियासी बयानबाजी का दौर जारी है।
इनपुट: IANS



