भारत-जापान संबंधों को मिलेगी नई गति, 3 दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंचीं प्रधानमंत्री साने ताकाइची
भारत और जापान अपने विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ा रहे हैं। इसी सिलसिले में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बुधवार शाम नई
भारत और जापान अपने विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ा रहे हैं। इसी सिलसिले में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बुधवार शाम नई दिल्ली पहुंच चुकी हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनके आगमन पर स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में उनके स्वागत की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की आधिकारिक यात्रा पर बहुत-बहुत स्वागत है। प्रधानमंत्री साने ताकाइची का स्वागत केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया। यह दौरा भारत और जापान के बीच स्पेशल स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने की दिशा में एक जरूरी कदम है।"
उच्च स्तरीय वार्ता और शिखर सम्मेलन
इस दौरे का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री साने ताकाइची और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता है। दोनों नेता 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। इस बैठक के एजेंडे में व्यापार, निवेश, रक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा पर भी विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।
दौरे से पहले जापानी प्रधानमंत्री का बयान
भारत के लिए रवाना होने से पहले एक प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री ताकाइची ने कहा था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत के साथ सहयोग का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "दोनों देश साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और रणनीतिक हितों के आधार पर मजबूत साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।"
जापानी प्रधानमंत्री ने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर जोर देते हुए कहा, "दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।" ताकाइची ने विश्वास जताया कि निवेश, व्यापार, प्रौद्योगिकी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे दोनों देशों के बीच एक स्थायी आर्थिक साझेदारी का निर्माण होगा।
इनपुट: IANS



