भूटान में विकास परियोजनाओं को भारत का समर्थन, ₹237 करोड़ की दूसरी किस्त जारी
भारत ने भूटान के साथ अपने विकास सहयोग कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए 237.83 करोड़ रुपए (2.378 अरब भूटानी नगुलट्रम) की दूसरी किस्त जारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस धनराशि का उपयोग…
भारत ने भूटान के साथ अपने विकास सहयोग कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए 237.83 करोड़ रुपए (2.378 अरब भूटानी नगुलट्रम) की दूसरी किस्त जारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस धनराशि का उपयोग भूटान के सभी 205 ब्लॉकों (गेवोग) में चल रही 292 उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजनाओं (HICDP) को गति देने के लिए किया जाएगा।
थिम्पू में भारतीय दूतावास द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि भारत के राजदूत संदीप आर्या ने यह चेक भूटान के वित्त मंत्री ल्योंपो लेके दोरजी को सौंपा। इस अवसर पर दोनों पक्षों ने एक द्विपक्षीय बैठक भी की, जिसमें भारत-भूटान विकास सहयोग के तहत इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव
भूटान के वित्त मंत्री ल्योंपो लेके दोरजी ने इस सहयोग के लिए भारत सरकार और भारतीय लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं "पूरे भूटान के समुदायों में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग के रिश्तों को और मजबूत कर रही हैं।"
भारतीय राजदूत संदीप आर्या ने इस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य भूटान के लोगों की आजीविका, सामाजिक कल्याण और संपर्क सुविधाओं को मजबूत करना है। HICDP के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति, सिंचाई, ग्रामीण सड़कें, कृषि भूमि विकास और स्वास्थ्य इकाइयों जैसी बुनियादी जरूरतों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
भारत की वित्तीय प्रतिबद्धता
भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-29) के लिए HICDP के तहत कुल 1,000 करोड़ रुपए देने की प्रतिबद्धता जताई है। इस योजना के पहले दो वर्षों में ही भारत 735 करोड़ रुपए जारी कर चुका है, जो कुल प्रतिबद्ध राशि का 73.5 प्रतिशत है। वर्तमान योजना अवधि में कुल 571 परियोजनाओं पर सहमति बनी है, जिनमें से 141 पूरी हो चुकी हैं और 430 पर काम चल रहा है।
इनपुट: IANS



