रक्षा सहयोग में भारत और मोरक्को का बड़ा कदम, दिल्ली में हुई पहली संयुक्त समिति की बैठक
भारत और मोरक्को ने अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दोनों देशों ने मंगलवार को नई दिल्ली में अपनी पहली संयुक्त रक्षा समिति (JDC) की बैठक…
भारत और मोरक्को ने अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दोनों देशों ने मंगलवार को नई दिल्ली में अपनी पहली संयुक्त रक्षा समिति (JDC) की बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को एक नई दिशा देना और भविष्य की संभावनाओं पर विचार करना था।
यह बैठक उस समझौते का परिणाम है जिस पर सितंबर 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मोरक्को यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे, जिसने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को एक संस्थागत ढांचा प्रदान किया। गौरतलब है कि वर्ष 2027 में भारत और मोरक्को के द्विपक्षीय सहयोग के 70 साल पूरे हो जाएंगे, जिसे देखते हुए इस पहल को और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर हुई चर्चा
बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से रक्षा मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद और मोरक्को की ओर से ब्रिगेडियर जनरल अब्देल्लाह अथ्मानी ने की। इस दौरान दोनों पक्षों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इनमें सैन्य प्रशिक्षण और शिक्षा, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, सैन्य अभ्यास, सैन्य चिकित्सा, साइबर सुरक्षा और रक्षा उद्योग में सहयोग शामिल थे। दोनों पक्ष मौजूदा रक्षा संबंधों की समीक्षा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर सहमत हुए।
रक्षा उद्योग और सैन्य चिकित्सा पर विशेष ध्यान
मोरक्को का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल 7 से 10 सितंबर तक भारत की यात्रा पर है। अपनी यात्रा की शुरुआत में, ब्रिगेडियर जनरल अथ्मानी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की, जहाँ उन्हें भारत की बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमताओं की जानकारी दी गई। दोनों देशों ने रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन, संयुक्त उद्यम और प्रौद्योगिकी सहयोग जैसी संभावनाओं पर भी सहमति जताई। इसके अलावा, मोरक्को का प्रतिनिधिमंडल आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) का भी दौरा करेगा ताकि भारत की सैन्य चिकित्सा क्षमताओं को समझ सके।
इनपुट: IANS



