जबलपुर में नई परियोजना से बढ़ेगी भारतीय सेना के टैंकों की ताकत, रक्षा मंत्री करेंगे शिलान्यास
भारतीय सेना के प्रमुख युद्धक टैंकों, T-90 और T-72, की मरम्मत और आधुनिकीकरण क्षमता को देश में ही बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी कड़ी में रक्षा मंत्री…
भारतीय सेना के प्रमुख युद्धक टैंकों, T-90 और T-72, की मरम्मत और आधुनिकीकरण क्षमता को देश में ही बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी कड़ी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक नई ओवरहॉल परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना देश की रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
रक्षा मंत्री ने जबलपुर दौरे की जानकारी देते हुए कहा, "मैं आज जबलपुर (मध्य प्रदेश) में रहूंगा। मैं व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट के लिए 'भूमि पूजन समारोह' में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।" इस समारोह में रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव और संयुक्त सचिव समेत आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (AVNL) के सीएमडी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
रक्षा उत्पादन में जबलपुर की नई भूमिका
यह रणनीतिक परियोजना जबलपुर स्थित वाहन निर्माणी (व्हीकल फैक्ट्री) में स्थापित की जा रही है, जो आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड का हिस्सा है। इस नई सुविधा के शुरू होने से T-सीरीज के टैंकों के रखरखाव और उन्हें युद्ध के लिए फिर से तैयार करने की स्वदेशी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
वाहन निर्माणी जबलपुर की स्थापना 1969 में हुई थी और यह लंबे समय से सशस्त्र बलों के लिए विभिन्न सैन्य वाहन बनाती आ रही है। निर्माणी ने पहले ही T-72 टैंकों की ओवरहॉलिंग में अपनी विशेषज्ञता साबित की है। जनवरी 2026 में यहीं से ओवरहॉल किए गए पहले दो T-72 टैंक सेना को सौंपे गए थे। अब इस नई परियोजना से जबलपुर की रक्षा उत्पादन क्षमता को और विस्तार मिलेगा।
इनपुट: IANS



