सोमवार, 6 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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ड्रग्स तस्करी के खिलाफ गुवाहाटी में BRICS देशों का महामंथन, साझा कार्रवाई पर बनी सहमति

भारत की अध्यक्षता में असम के गुवाहाटी में ब्रिक्स देशों की दो-दिवसीय एंटी-ड्रग कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। 6 और 7 जुलाई को हो रही इस बैठक में सदस्य देशों ने ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के खिलाफ मिलकर

ड्रग्स तस्करी के खिलाफ गुवाहाटी में BRICS देशों का महामंथन, साझा कार्रवाई पर बनी सहमति
(फोटो: IANS)

भारत की अध्यक्षता में असम के गुवाहाटी में ब्रिक्स देशों की दो-दिवसीय एंटी-ड्रग कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। 6 और 7 जुलाई को हो रही इस बैठक में सदस्य देशों ने ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य डार्कनेट और समुद्री मार्गों से होने वाली नशीली दवाओं की तस्करी जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाना है।

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बैठक में ब्राजील, रूस, भारत और इथियोपिया के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए। भारतीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के महानिदेशक अनुराग गर्ग ने बताया कि यह पहली बार है जब भारत ब्रिक्स देशों की एंटी-ड्रग एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक की मेजबानी कर रहा है।

साझा खतरा, संयुक्त प्रयास

विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि ड्रग्स की समस्या किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय खतरा है। ब्राजील के विदेश मंत्रालय के लुकास बारबोसा ने कहा, "यह एक ट्रांसनेशनल खतरा है जिससे सभी सदस्यों को मिलकर काम करने की जरूरत है। इसीलिए हम यहां हैं।" इसी तरह, रूस के एंटी-ड्रग प्रमुख इवान गोरबुनोव ने अनुभवों को साझा करने को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "हमारा एक कॉमन मकसद है और एंटी-ड्रग फील्ड में हमारा काफी अनुभव भी है। हमें यकीन है कि यह कार्यक्रम हमारे और हमारे साझेदारों के लिए फायदेमंद होगा।"

भारत की भूमिका और क्षेत्रीय चुनौतियां

NCB प्रमुख अनुराग गर्ग ने कहा, "ड्रग्स एक इंटरनेशनल समस्या बन गई है। हमारे युवा ड्रग्स में शामिल हो रहे हैं। यह एक ऐसी समस्या है जिससे हमें मिलकर लड़ना होगा।" उन्होंने डार्कनेट मार्केट, क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल और समुद्री मार्गों से होने वाली ड्रग्स की आवाजाही को प्रमुख चिंताओं में गिनाया।

गर्ग ने म्यांमार को भारत में आने वाली मेथामफेटामाइन और हेरोइन का स्रोत बताते हुए कहा कि NCB इस समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने बताया, "हम असल में राज्यों को उनकी एंटी-ड्रग टास्क फोर्स बनाने में सपोर्ट कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गुवाहाटी में एक क्षेत्रीय कार्यालय खोला गया है, जिससे ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को बल मिला है और पिछले एक साल में ड्रग्स की पकड़ भी बढ़ी है।

क्या बोले अन्य सदस्य देश

इथियोपिया के राजदूत नेबियू टेडला ने भारत की मेजबानी की सराहना करते हुए कहा, "ब्रिक्स जैसे प्लेटफॉर्म मिलकर काम करने, जानकारी शेयर करने और समस्या को हल करने के लिए मिलकर बेहतर कोशिश करने का मौका देंगे।" उन्होंने भारत की अध्यक्षता की तारीफ करते हुए कहा, "भारत सभी सत्र को सफल बना रहा है और हर जगह आम सहमति का माहौल बना रहा है।"

इनपुट: IANS

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