मानखुर्द हादसा: 6 मौतों पर भड़के अबू आज़मी, बोले- रिश्वत लेकर बन रहीं अवैध झुग्गियां, BMC पर लगे गंभीर आरोप
मुंबई के मानखुर्द इलाके में एक मकान ढहने से छह लोगों की मौत के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी ने इसे प्रशासनिक विफलता का नतीजा बताया है। उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कार्यप्रण
मुंबई के मानखुर्द इलाके में एक मकान ढहने से छह लोगों की मौत के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी ने इसे प्रशासनिक विफलता का नतीजा बताया है। उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS से एक विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर कानून का सख्ती से पालन होता तो कोई भी अवैध निर्माण करने का साहस नहीं करता।
आज़मी ने आरोप लगाया कि गरीब लोग रिश्वत देकर झुग्गियों का निर्माण करा लेते हैं और फिर कथित तौर पर पैसे लेकर उन पर अतिरिक्त मंजिलें बना दी जाती हैं। इस प्रक्रिया में इमारत की नींव, मजबूती और इंजीनियरिंग मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जाती है, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
कानून और भ्रष्टाचार पर सवाल
विधायक ने 1995 के एक सरकारी फैसले की याद दिलाई, जिसके तहत 1 जनवरी 1995 तक बनी झुग्गियों को नियमित करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा, "उस समय यह भी तय हुआ था कि अगर नई अवैध झुग्गियां बनती हैं तो संबंधित वार्ड अधिकारी और पुलिस बीट अधिकारी पर कार्रवाई होगी।" अबू आज़मी ने आरोप लगाया कि इस नियम के बावजूद दशकों से नई झुग्गियां लगातार बनती रहीं। उन्होंने पूरी व्यवस्था को भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि दोषी अधिकारियों को निलंबित कर जेल भेजा जाए।
शहर के अन्य मुद्दों का भी ज़िक्र
अबू आज़मी ने सिर्फ मानखुर्द हादसे तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने मुंबई में जलभराव और सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर बारिश में शहर के कई इलाके पानी में डूब जाते हैं, जबकि दक्षिण मुंबई के कुछ हिस्सों में ऐसी समस्या कम है। उन्होंने हाल ही में उद्घाटन हुई 'मिसिंग लिंक' परियोजना क्षेत्र में हुए भूस्खलन का भी ज़िक्र किया और सड़क निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया।
बीएमसी में राजनीतिक नियंत्रण पर टिप्पणी करते हुए आज़मी ने कहा कि वर्षों से सत्ता उन्हीं राजनीतिक दलों के पास रही है, चाहे गठबंधन कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बदलाव का दावा किया जा रहा है, तो उसका असर ज़मीनी स्तर पर भी दिखना चाहिए।
इनपुट: IANS



