भर्ती परीक्षाओं में धांधली रोकने वाले नए कानून का गुजरात के मुख्यमंत्री ने किया स्वागत, बताया ऐतिहासिक कदम
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने संसद में पारित हुए नए एंटी-पेपर लीक कानून की सराहना की है। उन्होंने इस विधेयक को देश के लाखों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम…
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने संसद में पारित हुए नए एंटी-पेपर लीक कानून की सराहना की है। उन्होंने इस विधेयक को देश के लाखों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित यह कानून देश की परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता और विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा।
यह कानून 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' है, जिसे हाल ही में संसद की मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता और यह कानून इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
कानून के कड़े प्रावधान
भूपेंद्र पटेल ने बताया कि इस संशोधित कानून में पेपर लीक रैकेट में शामिल लोगों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें सख्त सजा, भारी जुर्माना और मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था है। इसके अलावा, परीक्षाओं में धोखाधड़ी रोकने के लिए तकनीक-आधारित सुरक्षा तंत्र भी शामिल किए गए हैं। उम्मीद है कि इन उपायों से सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
'विकसित भारत' का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं को 'नए भारत' का असली निर्माता मानते हैं। उन्होंने कहा, “योग्यता के आधार पर समान अवसर सुनिश्चित करके, यह कानून 'विकसित भारत' के विजन के अनुरूप है और 'अमृत काल' के दौरान छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता-आधारित इकोसिस्टम बनाने का प्रयास करता है।”
पटेल ने गुजरात सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 'योग्यता सर्वोपरि' के सिद्धांत पर काम करती रहेगी और युवाओं के लिए एक पारदर्शी भर्ती प्रणाली सुनिश्चित करेगी।
इनपुट: IANS



