आंध्र प्रदेश: 29 सरकारी शिक्षक फिनलैंड से सीखेंगे पढ़ाने के नए तरीके
आंध्र प्रदेश के 29 सरकारी स्कूल शिक्षक अंतरराष्ट्रीय अनुभव के लिए फिनलैंड की यात्रा पर जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा आयोजित इस खास कार्यक्रम का मकसद इन शिक्षकों को दुनिया की सबसे बेहतरीन शिक्षा…
आंध्र प्रदेश के 29 सरकारी स्कूल शिक्षक अंतरराष्ट्रीय अनुभव के लिए फिनलैंड की यात्रा पर जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा आयोजित इस खास कार्यक्रम का मकसद इन शिक्षकों को दुनिया की सबसे बेहतरीन शिक्षा प्रणालियों में से एक को करीब से देखने और समझने का मौका देना है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ये सभी शिक्षक 'बेस्ट टीचर अवॉर्ड' से सम्मानित हैं और शनिवार को फिनलैंड के लिए रवाना हो रहे हैं।
यह इंटरनेशनल प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम 17 से 26 अगस्त तक चलेगा, जिसमें ये शिक्षक फिनलैंड की प्रसिद्ध तुर्कू यूनिवर्सिटी के सहयोग से प्रशिक्षण लेंगे। इस आठ दिवसीय दौरे के दौरान वे तुर्कू और राउमा शहरों का दौरा करेंगे। वहां वे न केवल क्लासरूम में शिक्षण प्रक्रिया को देखेंगे, बल्कि अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन सेंटर और टीचर ट्रेनिंग स्कूलों के शिक्षकों से सीधे संवाद भी करेंगे।
फिनलैंड दौरे का मकसद क्या है?
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के पेशेवर कौशल को और बेहतर बनाना है। सरकार का लक्ष्य है कि इस दौरे से शिक्षकों को बुनियादी शिक्षा (फाउंडेशनल लर्निंग) की गहरी समझ मिले, वे डिजिटल लर्निंग टूल्स का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना सीखें और उनमें नेतृत्व व मेंटरिंग की क्षमता विकसित हो। साथ ही, वे स्कूलों में ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रेरित होंगे जहां सीखने के साथ-साथ छात्रों की खुशी और भलाई पर भी ध्यान दिया जाए।
लौटकर क्या करेंगे शिक्षक?
फिनलैंड से लौटने के बाद इन शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। वे वहां से मिली सीख के आधार पर स्कूल-केंद्रित प्रोजेक्ट तैयार करेंगे और उन्हें अपने-अपने स्कूलों में लागू करेंगे। इसके अलावा, ये 29 शिक्षक जिला और मंडल स्तर पर अन्य शिक्षकों के लिए 'रिसोर्स पर्सन' और मेंटर के रूप में भी काम करेंगे, ताकि फिनलैंड की शिक्षण पद्धतियों को आंध्र प्रदेश के शैक्षिक परिवेश के अनुकूल बनाकर व्यापक स्तर पर अपनाया जा सके।
इस पहल पर मंत्री नारा लोकेश ने कहा, "शिक्षक हमारे समाज की नींव और हमारे बच्चों के भविष्य के निर्माता हैं। उनमें न सिर्फ हमारे छात्रों के दिमाग को, बल्कि आंध्र प्रदेश के भविष्य को भी आकार देने की ताकत है। इसीलिए सही जानकारी, कौशल और ग्लोबल एक्सपोजर के साथ अपने शिक्षकों को सशक्त बनाना बहुत जरूरी है। सीखने का यह इंटरनेशनल मौका हमारे बेहतरीन शिक्षकों को फिनलैंड से नए विचार और बेहतरीन तरीके लाने और उन्हें हमारे स्कूलों में अपनाने में मदद करेगा।"
इनपुट: IANS



