गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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गुजरात: अमरेली में शेरों के लिए बना देश का पहला रेलवे अंडरपास, हादसों पर लगेगी लगाम

एशियाई शेरों को ट्रेन हादसों से बचाने के लिए गुजरात के अमरेली जिले में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। यहाँ देश का पहला 'लॉयन अंडरपास' बनकर तैयार हो गया है, जो वन्यजीवों को रेलवे ट्रैक के नीचे से सुरक्षि…

गुजरात: अमरेली में शेरों के लिए बना देश का पहला रेलवे अंडरपास, हादसों पर लगेगी लगाम
(फोटो: IANS)

एशियाई शेरों को ट्रेन हादसों से बचाने के लिए गुजरात के अमरेली जिले में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। यहाँ देश का पहला 'लॉयन अंडरपास' बनकर तैयार हो गया है, जो वन्यजीवों को रेलवे ट्रैक के नीचे से सुरक्षित रास्ता देगा। यह कदम वन्यजीव संरक्षण और रेलवे सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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यह परियोजना पश्चिम रेलवे और गुजरात वन विभाग के संयुक्त प्रयासों का नतीजा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमरेली जिला एशियाई शेरों के एकमात्र प्राकृतिक आवास गीर अभयारण्य का एक बड़ा हिस्सा है। इस इलाके से गुजरने वाली व्यस्त रेलवे लाइन अक्सर शेरों और दूसरे जंगली जानवरों के लिए जानलेवा साबित होती है। इसी समस्या से निपटने के लिए यह अंडरपास बनाया गया है।

क्यों पड़ी इस अंडरपास की ज़रूरत?

अमरेली से होकर गुजरने वाले ढसा-राजुला और राजुला-पीपावाव रेलखंड पर अक्सर शेर पटरी पार करते हुए ट्रेनों की चपेट में आ जाते थे। इन्हीं हादसों को रोकने के लिए वन्यजीवों को एक सुरक्षित गलियारा देने का फैसला किया गया। कुल 9.42 करोड़ रुपये की लागत से इस क्षेत्र में पाँच अंडरपास बनाए जाने हैं, जिनमें से भेराई इलाके का पहला अंडरपास अब पूरी तरह तैयार है, जबकि बाकी चार पर काम चल रहा है।

राष्ट्रीय मॉडल बनने की क्षमता

इस परियोजना की सफलता भविष्य के लिए एक उदाहरण स्थापित कर सकती है। भावनगर मंडल के डीआरएम दिनेश वर्मा ने बताया, "यदि अमरेली में यह मॉडल सफल रहता है और वन्यजीव दुर्घटनाओं में कमी आती है तो भविष्य में इसे देश के अन्य वन्यजीव बहुल क्षेत्रों से गुजरने वाले रेलवे मार्गों पर भी लागू किया जाएगा। यह परियोजना वन्यजीव संरक्षण और आधुनिक रेल अवसंरचना के बीच बेहतर संतुलन का उदाहरण है।" रेलवे का अंतिम लक्ष्य 'जीरो एक्सीडेंट' हासिल करना और वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है।

स्थानीय निवासी भी इस पहल से खुश हैं। अमरेली के एक किसान महेंद्र खुमान ने कहा, "जिले में एशियाई शेरों की संख्या काफी अधिक है और रेलवे ट्रैक उनके लिए बड़ा खतरा बन जाता है। भेराई क्षेत्र में बनाया गया यह अंडरपास शेरों की सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। इस रेल कॉरिडोर पर बनने वाले सभी पांच अंडरपास वन्यजीवों के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएंगे और दुर्घटनाओं में कमी लाएंगे।"

इनपुट: IANS

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News4Social गुजरात डेस्क

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