उत्तर कोरिया ने अमेरिकी नेतृत्व वाले निगरानी समूह की रिपोर्ट को नकारा, अपने नागरिकों को विदेश भेजने का किया बचाव
उत्तर कोरिया ने अपने नागरिकों को काम के लिए विदेश भेजने पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्योंगयांग ने अमेरिका के…
उत्तर कोरिया ने अपने नागरिकों को काम के लिए विदेश भेजने पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्योंगयांग ने अमेरिका के नेतृत्व वाले एक बहुपक्षीय निगरानी समूह की हालिया रिपोर्ट को 'अवैध' बताते हुए कहा है कि दूसरे देशों के साथ उसका आर्थिक सहयोग पूरी तरह वैध है और इसमें किसी तीसरे पक्ष को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।
यह प्रतिक्रिया बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी समूह (MSMT) की पिछले सप्ताह जारी एक रिपोर्ट के बाद आई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उत्तर कोरिया संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए अभी भी अपने नागरिकों को विदेशों में काम पर भेज रहा है। समूह के मुताबिक, चीन और रूस सहित कम से कम 17 देशों में लगभग एक लाख उत्तर कोरियाई श्रमिक मौजूद हैं।
रिपोर्ट के आरोप और उत्तर कोरिया का जवाब
MSMT की रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि कुछ उत्तर कोरियाई श्रमिक रूस की फैक्ट्रियों में सैन्य ड्रोन के निर्माण में भी शामिल हो सकते हैं। इन आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने सरकारी एजेंसी केसीएनए के माध्यम से बयान जारी किया। योनहाप न्यूज एजेंसी द्वारा प्रकाशित इस बयान के अनुसार, प्रवक्ता ने कहा, "एमएसएमटी ने सामान्य गतिविधियों को असामान्य और कानूनी गतिविधियों को गैरकानूनी बताकर अपनी वास्तविक मंशा उजागर कर दी है।"
प्योंगयांग ने तर्क दिया कि अन्य देशों के साथ व्यापार, आदान-प्रदान और सहयोग उसके वैध अधिकारों के अंतर्गत आते हैं, जो द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संधियों पर आधारित हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने संयुक्त राष्ट्र की उस प्रतिबंध व्यवस्था की वैधता पर भी सवाल उठाया जिसके तहत उसके नागरिकों के विदेश में काम करने पर रोक है।
संप्रभुता और सहयोग पर जोर
उत्तर कोरिया ने अमेरिका और पश्चिमी देशों पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जिसमें देशों की संप्रभुता का सम्मान और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना शामिल है। प्योंगयांग ने चेतावनी दी कि वह देश की उन्नति और अन्य देशों के साथ सामान्य पारस्परिक सहयोग को बाधित करने के किसी भी प्रयास का कड़ा जवाब देगा।
उल्लेखनीय है कि MSMT का गठन अक्टूबर 2024 में उत्तर कोरिया पर लगे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए किया गया था। इसका गठन तब हुआ जब रूस ने प्रतिबंधों की निगरानी करने वाली संयुक्त राष्ट्र की विशेषज्ञ समिति के कार्यकाल को बढ़ाने वाले प्रस्ताव पर वीटो कर दिया था।
इनपुट: IANS



