ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप: हमारी वैज्ञानिक तरक्की से दुश्मनी, परमाणु ठिकानों पर हमले अवैध
ईरान ने अमेरिका पर उसके शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों पर बार-बार हमले करने और धमकियां देने का आरोप लगाते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल…
ईरान ने अमेरिका पर उसके शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों पर बार-बार हमले करने और धमकियां देने का आरोप लगाते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ये हमले दिखाते हैं कि अमेरिका को ईरान की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति से गहरी दुश्मनी है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी पोस्ट में कहा कि अमेरिकी कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और संबंधित प्रस्तावों का उल्लंघन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है और देश की जनता किसी भी अमेरिकी दुश्मनी का पूरी ताकत से सामना करेगी।
परमाणु कार्यक्रम और IAEA की भूमिका
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ईरान की सभी परमाणु गतिविधियों की जानकारी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को दी गई है। उन्होंने कोलंग कूह स्थल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहां कोई परमाणु गतिविधि नहीं हो रही है और वाशिंगटन का इस पर ध्यान केंद्रित करना हमले और तोड़फोड़ को सही ठहराने का एक बहाना मात्र है।
इस मामले पर इस्माइल बाघेई ने IAEA के महानिदेशक की चुप्पी पर भी सवाल उठाया, जो संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के उम्मीदवार भी हैं।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी
दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान पर सैन्य हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, ताकि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा न बन सके।
सेंटकॉम के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के सैन्य ऑपरेशन सेंटर, नौसैनिक ठिकाने, ड्रोन स्टोरेज सुविधा और सैन्य लॉजिस्टिक्स के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। अमेरिका ने दावा किया है कि पिछले तीन महीनों में ईरान ने इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर 30 से अधिक व्यावसायिक जहाजों पर हमले किए हैं, जिससे सैकड़ों नाविकों की जान खतरे में पड़ी।
इनपुट: IANS



